गोरखपुर, 31 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक नवंबर को गोरखपुर को करीब 1663 करोड़ रुपये की 88 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। दीपावली से पहले मिलने वाली इस सौगात में सड़क कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे के विकास, नगरीय सुविधाओं, जल निकासी और बाढ़ बचाव से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री चौरीचौरा के भोपा बाजार में नवनिर्मित रेल ओवरब्रिज का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन और दूसरे चरण सहित कई अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे।
मुख्यमंत्री के सार्वजनिक कार्यक्रमों की आगामी श्रृंखला की शुरुआत एक नवंबर को चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से होगी। यहां भोपा बाजार में 59.44 करोड़ रुपये की लागत से तैयार रेल ओवरब्रिज का उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा 287.56 करोड़ रुपये की लागत वाली 84 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं में बाढ़ बचाव और सड़क संपर्क से जुड़े कई कार्य शामिल हैं।
भोपा बाजार रेल ओवरब्रिज से चौरीचौरा को मिलेगी जाम से राहत
गोरखपुर-भटनी रेलखंड पर स्थित समपार संख्या 147बी पर लंबे समय से लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। ट्रेन गुजरने के दौरान रेलवे फाटक बार-बार बंद होने से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, स्कूली बच्चों और राहगीरों को परेशानी होती थी। अब करीब 650 मीटर लंबे रेल ओवरब्रिज के शुरू होने से चौरीचौरा कस्बे की यातायात व्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी।
ओवरब्रिज पर नजर आएगी चौरीचौरा के अमर बलिदानियों की गाथा
भोपा बाजार में बने इस ओवरब्रिज को ऐतिहासिक चौरीचौरा घटना की स्मृतियों से भी जोड़ा गया है। 4 फरवरी 1922 को हुई चौरीचौरा की घटना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इस घटना से जुड़े अमर बलिदानियों के सम्मान में ओवरब्रिज के स्तंभों और दीवारों पर आकर्षक म्यूरल आर्ट यानी भित्तिचित्र बनाए गए हैं। इन चित्रों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वालों के संघर्ष और योगदान को दर्शाया गया है। इसका उद्देश्य ओवरब्रिज से गुजरने वाले लोगों, विशेषकर नई पीढ़ी को चौरीचौरा के ऐतिहासिक गौरव से परिचित कराना है।
गोड़धोइया नाला फेज-1 का होगा लोकार्पण
गोरखपुर शहर में जलभराव और सीवर प्रबंधन की समस्या के समाधान की दिशा में गोड़धोइया नाला परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री एक नवंबर को 495.24 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई इस परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही 92.72 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले दूसरे चरण, नाले के समानांतर 65.93 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सड़क और 721.40 करोड़ रुपये की गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए-3 का शिलान्यास भी करेंगे। गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण के तहत 9.25 किलोमीटर लंबे नाले में से 7.75 किलोमीटर हिस्से को पक्का किया गया है।
इसके अलावा 17.50 किलोमीटर लंबी इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन बिछाई गई है। सीवेज के शोधन के लिए 38 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया गया है। परियोजना में 61 एमएलडी क्षमता का मुख्य पंपिंग स्टेशन और 14 ब्रिज व कल्वर्ट का निर्माण भी कराया गया है। पक्के नाले, डायवर्जन, इंटरसेप्शन और सीवेज ट्रीटमेंट से जुड़े इन कार्यों का उद्देश्य शहर के उत्तरी हिस्से के 17 वार्डों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना है। एसटीपी में शोधन के बाद पानी को रामगढ़ताल में प्रवाहित किया जा रहा है।
फेज-2 में पक्का किया जाएगा नाले का शेष हिस्सा
गोड़धोइया नाला परियोजना के दूसरे चरण पर 92.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत नाले के करीब 1.50 किलोमीटर लंबे कच्चे हिस्से को आरसीसी निर्माण के जरिए पक्का किया जाएगा। इस चरण में नाले के अंतिम छोर पर स्थित बिछिया रेलवे कॉलोनी से 38 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी बनाया जाएगा। फिलहाल एसटीपी तक पहुंचने के लिए रेलवे कॉलोनी के आवासीय क्षेत्र से होकर गुजरने वाला एक संकरा रास्ता उपलब्ध है। भविष्य में रेलवे की ओर से कॉलोनी की बाउंड्रीवाल बनाए जाने की स्थिति में यह रास्ता बंद हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नाले के समानांतर 1.50 किलोमीटर लंबा एप्रोच मार्ग बनाने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा फेज-2 में 120 स्ट्रीट लाइट लगाने और लैंडस्केपिंग का काम भी कराया जाएगा। दूसरे चरण के कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गोड़धोइया नाले के किनारे बनेगी 7.75 किमी सड़क
नाले के समानांतर 7.75 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा। इस परियोजना पर 65.93 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सड़क बनने से नाले के आसपास रहने वाले लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री इस परियोजना का भी शिलान्यास करेंगे।
जोन ए-3 में बिछाई जाएगी 350 किलोमीटर सीवर लाइन
गोड़धोइया नाला क्षेत्र में सीवर प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए-3 शुरू की जाएगी। अमृत 2.0 कार्यक्रम के तहत स्वीकृत इस योजना पर 721.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अंतर्गत करीब 350 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। योजना का उद्देश्य गोड़धोइया नाला के कैचमेंट क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था को व्यवस्थित करना और गंदे पानी के प्रबंधन को बेहतर बनाना है। मुख्यमंत्री एक नवंबर को इस परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने से गोरखपुर में यातायात, जल निकासी, सीवर प्रबंधन और शहरी सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे को विस्तार मिलने की उम्मीद है।


