CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ I.N.D.I.A. ब्लॉक का ‘महाभियोग प्रस्ताव’ पास! राहुल गांधी ने केंद्र को दी चेतावनी

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर। विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एक नकली संसद की तरह चले कार्यक्रम के दौरान ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘महाभियोग प्रस्ताव’ पास कर दिया गया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इसकी अध्यक्षता की।

भारत संघ पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बचने नहीं देंगे : राहुल 

I.N.D.I.A. ब्लॉक के प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार को चेतावनी दी और कहा कि वे भारत संघ पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बचने नहीं देंगे।


प्रतीकात्मक जन महाभियोग प्रस्ताव का पूरा समर्थन करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘हम आपको भागने नहीं देंगे। मैं उन लोगों को भी संबोधित करना चाहता हूं, जिन्होंने भारत संघ पर यह हमला किया है। ज्ञानेश कुमार तो सिर्फ एक जरिया हैं, उनके जैसे कई और भी हैं। हम अच्छी तरह जानते हैं कि वे कौन हैं।’

‘चीजें अब बदल रही हैं, कृपया..इस चेतावनी को सुनें और समझे’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सचेत करते हुए कहा, ‘यह आपके लिए एक चेतावनी है, चीजें अब बदल रही हैं। कृपया इस चेतावनी को सुनें और समझें कि यह बगीचे में रखा एक नया राजनीतिक हथियार है और यदि आप इसी रास्ते पर चलते रहे तो यह हथियार आपको बहुत बुरी तरह चोट पहुंचाएगा। मैं यह बात बहुत ही प्रेम और सद्भाव के साथ कह रहा हूं। हम कोई बुरे या दुष्ट लोग नहीं हैं, लेकिन हम अपने लोगों की आवाज और संविधान की रक्षा जरूर करेंगे।’

देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग

राहुल गांधी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की वकालत की। उन्होंने कहा, ‘मैं इस प्रस्ताव का पूरी तरह से समर्थन करता हूं कि मिस्टर ज्ञानेश कुमार पर न केवल महाभियोग चलाया जाना चाहिए, बल्कि अदालत में देशद्रोह का मुकदमा भी चलाया जाना चाहिए ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सीईसी के खिलाफ एक प्रस्ताव रखा

इससे पहले ‘जन महाभियोग’ में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सीईसी के खिलाफ एक प्रस्ताव रखा। आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त  ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर निर्वाचन आयोग चला रहे हैं। खरगे ने प्रस्ताव पेश करते हुए ज्ञानेश कुमार पर छह मुख्य आरोप लगाए।

  1. चुनाव चोरी की साजिश में शामिल होना।
  2. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए करीब 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाना।
  3. संसद की मंजूरी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव करना।
  4. ECINET प्लेटफॉर्म के जरिए मतदाता सूची पर नियंत्रण लेना।
  5. अन्य दो चुनाव आयुक्तों को महत्वपूर्ण फैसलों से बाहर रखना।
  6. प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर काम करना।

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘CEC ज्ञानेश कुमार सीधे प्रधानमंत्री और होम मिनिस्टर के कहने पर कमीशन चला रहे हैं। सात महीने पहले, 193 अपोज़िशन MPs ने CEC को हटाने के लिए पार्लियामेंट के दोनों हाउस में मोशन दिया था। लेकिन, हमारी नोटिस रिजेक्ट कर दी गई और उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए, आज हम मोशन लाए हैं।’

उन्होंने आगे कहा – ‘हमें CEC से कोई पर्सनल दुश्मनी नहीं है। हमारा मकसद है कि इलेक्शन कमीशन बिना किसी भेदभाव के कॉन्स्टिट्यूशन की भावना के हिसाब से काम करे, ताकि आम आदमी का उस पर भरोसा बना रहे। हमें यह पक्का करना होगा कि कमज़ोर तबके, महिलाओं और युवाओं के वोटिंग राइट्स को दिल्ली में बैठा कोई चुपके से कंप्यूटर से डिलीट न कर दे…’

खरगे ने कहा, ‘2014 से, सत्ता हथियाने और उसे बनाए रखने के लिए हर मुमकिन साजिश रची गई है। उन्होंने MPs चुराए हैं, पॉलिटिकल पार्टियों को तोड़ा है, सरकारें गिराई हैं। इलेक्टोरल बॉन्ड, ED व CBI का इस्तेमाल किया है और अब वे वोट चुरा रहे हैं। हमारे पास ऐसे वोट चोरी के सैकड़ों उदाहरण हैं।’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘ज्ञानेश कुमार 2023 के चीफ इलेक्शन कमिश्नर और अन्य इलेक्शन कमिश्नर (अपॉइंटमेंट, कंडीशंस ऑफ सर्विस एंड टर्म ऑफ ऑफिस) एक्ट की वजह से इस चोरी को आसान बना पा रहे हैं। यह बिल दिसम्बर, 2023 में 145 विपक्षी MPs को सस्पेंड करने के बाद पास किया गया था। यह शर्मनाक और बेइज्जती वाली बात है। यह कानून इलेक्शन कमिश्नरों को जिंदगीभर का सुरक्षा कवच देता है – एक ऐसा लेवल का प्रोटेक्शन, जो प्रेसिडेंट या चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को भी नहीं मिलता।’

विपक्षी गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के कई सांसद और नेता शामिल हुए

‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय उपाध्यक्ष की भूमिका निभा रहे थे। कार्यक्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के अलावा सपा सांसद धर्मेंद्र यादव, तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता डेरेक ओ’ब्रायन समेत विपक्षी गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के कई सांसद और नेता शामिल हुए।

इंडी गठबंधन ने सीईसी के खिलाफ यह सांकेतिक कार्यक्रम शुक्रवार को आयोजित करने की घोषणा की थी, लेकिन बारिश को देखते हुए इसे शनिवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। राहुल गांधी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा था कि बारिश और खराब मौसम के कारण कार्यक्रम को एक दिन के लिए स्थगित किया गया है क्योंकि कई वरिष्ठ लोगों को ऐसे मौसम में दिक्कत हो सकती है।

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