Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष की शुरुआत, नेताओं ने पूर्वजों को किया नमन; जानें किसने क्या कहा

लखनऊ, 26 सितंबर। पितृ पक्ष की शुरुआत शनिवार से हो गई है। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। इस दौरान लोग अपने पितरों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करते हैं। पितृ पक्ष के अवसर पर कई नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने पूर्वजों को नमन किया और उनके आशीर्वाद की कामना की।

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पितरों को नमन करते हुए कहा कि अपने संस्कारों और त्याग से मार्गदर्शन करने वाले पूज्य पितृगणों को पितृ पक्ष पर भावपूर्ण नमन। उन्होंने प्रार्थना की कि पितरों के आशीर्वाद से समाज और राष्ट्र निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पितृ पक्ष के अवसर पर सभी पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह पर्व पूर्वजों के त्याग, संस्कार और जीवन मूल्यों को याद कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर देता है। उन्होंने प्रभु श्रीराम से सभी को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होने की प्रार्थना की।

छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री केदार कश्यप ने पितृ पक्ष के प्रारंभ पर सभी पितृ देवों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि पूर्वजों के उच्च संस्कार, नैतिक मूल्य और आशीर्वाद जीवन के वास्तविक मार्गदर्शक हैं। उन्होंने पितरों की कृपा और मार्गदर्शन सभी पर बने रहने की कामना की।

बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पितृ पक्ष के अवसर पर सभी पूज्य पितरों और पूर्वजों को भावपूर्ण नमन एवं श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पूर्वजों की स्मृतियां हमेशा हमारे हृदय में जीवित रहें और उनका आशीर्वाद आने वाली पीढ़ियों पर बना रहे। उन्होंने पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर बताया।

भाजपा नेता अर्चना चिटनिस ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर पितृ पक्ष के प्रारंभ पर सभी पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने संस्कृत मंत्र के माध्यम से पितृ देवों को नमन करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

पितृ पक्ष के दौरान श्रद्धालु अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए उनकी आत्मिक शांति और आशीर्वाद के लिए धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। माना जाता है कि इस अवधि में तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य जैसे कर्म पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम हैं।

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