नई दिल्ली, 21 जुलाई। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान भड़की हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। प्रदर्शन के दौरान पथराव, पुलिसकर्मियों पर हमले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, हिंसा की जांच अब मुख्य रूप से वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है। जांच एजेंसियों के पास मोबाइल फोन, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों की 250 से अधिक वीडियो फुटेज मौजूद हैं। इनकी मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं और क्या वे पूर्व नियोजित तरीके से प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे।
व्हाट्सऐप-टेलीग्राम ग्रुप भी जांच के दायरे में
दिल्ली पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि हिंसा से पहले किसी व्हाट्सऐप या टेलीग्राम समूह के जरिए लोगों को उकसाने या संगठित करने की कोशिश की गई थी या नहीं। साइबर और तकनीकी टीमों को भी जांच में लगाया गया है।
रीगल सिनेमा के पास भड़की हिंसा
पुलिस के मुताबिक, सोमवार को कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल स्थित रीगल सिनेमा के पास प्रदर्शन हिंसक हो गया। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की, पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और जनपथ इलाके में कई दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बैरिकेड तोड़े, सरकारी संपत्ति को पहुंचाया नुकसान
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को कई बार चेतावनी दी गई और कानूनी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने हटने से इनकार कर दिया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, पुलिस और अन्य सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
118 पुलिसकर्मी घायल, 70 प्रदर्शनकारी हिरासत में
पुलिस के अनुसार, हिंसा में 118 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए हैं। घायलों में स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। कई महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि अब तक करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। जांच एजेंसियां वीडियो साक्ष्यों और डिजिटल डेटा के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान में जुटी हैं।

