बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के लिए 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित, निजी सहायक पर FIR
देहरादून, 8 जुलाई। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बाद अब बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी मामलों की शिकायतों की जांच के लिए उत्तराखंड सरकार ने उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड शासन ने मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इसी क्रम में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
यह अपराध गोहत्या या माता-पिता की हत्या करने जैसे पाप के समान : सीएम धामी
इस बीच बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले पर सीएम धामी ने कहा कि जो भी काररवाई हो रही है, उससे मीडिया को अपडेट कर दिया जाएगा। जो भी दोषी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा और कठोर काररवाई होगी। कमेटी बना दी गई है और पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह अपराध गोहत्या या अपने माता-पिता की हत्या करने जैसे पाप के समान है और इसे माफ नहीं किया जा सकता।
गढ़वाल मंडल के आयुक्त होंगे उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष
शासन ने आयुक्त गढ़वाल मंडल की अध्यक्षता में समिति गठित की है। समिति के अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल होंगे। समिति में प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी और कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी और 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या एवं संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी।
व्यवस्था सुधारने के लिए मांगे सुझाव
पत्र में कहा गया है कि जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ या अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग एवं परामर्श ले सकती है। साथ ही समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं सुझावों से भी शासन को अवगत कराएगी।
प्रारंभिक जांच में सही पाए गए आरोप
श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल के विरुद्ध निलंबन की काररवाई की है। बताया गया कि दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर तीन जुलाई, 2026 को नौटियाल को कारण बताओ नोटिस जारी की गई थी। साथ ही मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। जांच समिति की प्रारंभिक आख्या में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी।
प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई
समिति ने यह भी माना कि कर्मचारी को वर्तमान पद पर बनाए रखने से जांच प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही उन्हें बीकेटीसी कार्यालय, जोशीमठ (जनपद चमोली) से संबद्ध किया गया है। इस अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
सीसीटीवी में क्या मिला
उल्लेखनीय है कि बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी की शिकायत सामने आने पर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने दो जुलाई, 2026 को परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला, जिसमें प्रमोद नौटियाल ने गणना स्थान पर सामान्य गिनती के अलावा कुछ चीजें अपने साथ रख ली थीं। मंदिर समिति ने सबूतों और फुटेज के आधार पर आरोपित से 48 घंटे के भीतर लिखित सफाई मांगी थी।
