मायावती का विपक्ष पर बड़ा हमला: ‘पीड़ितों को भड़काकर राजनीति चमकाते हैं दल’, संविधान के रास्ते पर चलने की अपील

लखनऊ, 10 जुलाई। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज, हरदोई समेत विभिन्न स्थानों पर हुई हालिया घटनाओं को लेकर राजनीतिक दलों और संगठनों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल और संगठन पीड़ित एवं वंचित वर्गों को भड़काकर सड़कों पर उतारते हैं, हिंसा और सड़क जाम जैसी स्थितियां पैदा करते हैं और बाद में घटनास्थल पर पहुंचकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं।

शुक्रवार को जारी अपने बयान में मायावती ने कहा कि ऐसे आंदोलनों से पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, बल्कि उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने दलितों और वंचित समाज को अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संवैधानिक और लोकतांत्रिक रास्ता दिखाया था।

‘कानून के दायरे में रहकर लड़ें न्याय की लड़ाई’

बसपा प्रमुख ने कहा कि यदि निचली अदालत से न्याय न मिले तो उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए, न कि हिंसा, सड़क जाम और टकराव का रास्ता अपनाना चाहिए। उनका कहना था कि मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज, हरदोई और देश के अन्य हिस्सों में हुई घटनाओं के बाद जिस तरह लोगों को आंदोलन के लिए उकसाया जा रहा है, उससे वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने की संभावना कमजोर पड़ जाती है।

‘पहले माहौल बिगाड़ते हैं, फिर मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं’

मायावती ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल पहले लोगों को भड़काकर हिंसा, धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम जैसी स्थितियां पैदा करते हैं। इसके बाद उनके नेता घटनास्थल पर पहुंचकर संवेदना जताने का दिखावा करते हैं और राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति से समाज का कोई भला नहीं होता।

‘राजनीतिक शक्ति ही समस्याओं की मास्टर की’

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बहुजन समाज की समस्याओं का स्थायी समाधान एकजुटता और लोकतांत्रिक तरीके से राजनीतिक शक्ति हासिल करने में है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने भी वोट की ताकत और संवैधानिक व्यवस्था के जरिए अधिकार हासिल करने का मार्ग दिखाया था और बसपा उसी विचारधारा पर लगातार काम कर रही है।

चुनाव से पहले सतर्क रहने की अपील

मायावती ने आगामी विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए वंचित समाज से राजनीतिक रूप से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी दल या संगठन के बहकावे में आने के बजाय संविधान, लोकतांत्रिक प्रक्रिया तथा भगवान बुद्ध और बाबा साहब अंबेडकर के विचारों पर भरोसा रखना चाहिए।

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