पीएम मोदी ने काशी में रोड शो के बाद बाबा विश्वनाथ के दरबार में टेका मत्था, बच्चों को दुलारा और फिर हरदोई रवाना
वाराणसी, 29 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन बुधवार को पूर्वाह्न बाबा विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेका और गर्भगृह में बाबा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मां गंगा को प्रणाम किया।
वाराणसी के 54वें दौरे पर आए पीएम मोदी मंदिर में दर्शन के बाद गंगा द्वार तक गए, जहां उन्होंने हाल ही में स्थापित वैदिक घड़ी का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री का स्वागत शिवभक्तों ने शंखध्वनि और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ किया।
स्वर्ण मंडित गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना
प्रधानमंत्री पूर्वाह्न करीब आठ बजे बरेका गेस्ट हाउस से मंदिर के लिए निकले। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर उन्होंने बाबा के पावन ज्योतिर्लिंग का षोडशोपचार पूजन और अभिषेक किया। मंदिर के अर्चक ओम प्रकाश मिश्र समेत पांच ब्राह्मणों ने विधिवत पूजन संपन्न कराया। पीएम मोदी ने देश की सुख-समृद्धि और उन्नति के लिए प्रार्थना की।
हर हर महादेव !
काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजन का सौभाग्य मिला। यहां भगवान भोलेनाथ से समस्त देशवासियों के लिए सुख-समृद्धि और आरोग्यपूर्ण जीवन की कामना की।
माँ अन्नपूर्णा एवं माँ गंगा के दर्शन से असीम शांति मिली। उनकी कृपा से हर किसी में सकारात्मक ऊर्जा का संचार… pic.twitter.com/68GTnogoZW
— Narendra Modi (@narendramodi) April 29, 2026
भगवान शिव के प्रतीक त्रिशूल और डमरू भेंट किया गया
भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से पीएम मोदी को गुलाबी मीनाकारी से तैयार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का मॉडल भेंट किया गया। साथ में भगवान विश्वनाथ को चढ़ने वाला शाल भी, जिसमें जय विश्वनाथ लिखा है, भेंट किया गया, इसमें रुद्राक्ष की मालाएं लगी हैं। इसके अलावा भगवान शिव के प्रतीक त्रिशूल और डमरू भेंट किया गया, जिसे प्रधानमंत्री ने श्रद्धापूर्वक लहराकर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया।

एयर प्यूरीफायर सिस्टम का निरीक्षण किया
पीएम मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में लगे एयर प्यूरीफायर सिस्टम का भी निरीक्षण किया। इस एयर प्यूरीफायर सिस्टम से मणिकर्णिका घाट की वायु शुद्ध होती है। इस दौरान उन्होंने इस आधुनिक सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
55 मिनट तक मंदिर परिसर में रहे पीएम मोदी
करीब 55 मिनट तक मंदिर परिसर में रहे पीएम मोदी ने गर्भगृह में सात से आठ मिनट तक विशेष पूजा की। इस दौरान उन्होंने माता अन्नपूर्णा, भारत माता और शंकराचार्य को भी प्रणाम किया। लंबे समय बाद वे इस मंदिर में पहुंचे। इससे पहले 18 जून, 2024 को उन्होंने इस मंदिर में दर्शन और पूजन किया था।
14 किलोमीटर का भव्य रोड शो
इसके पूर्व बरेका से मंदिर तक का सफर किसी उत्सव से कम नहीं था। प्रधानमंत्री का काफिला ककरमत्ता, मंडुवाडीह, फुलवरिया फ्लाईओवर और चौकाघाट होते हुए करीब 14 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पहुंचा। पूरे रास्ते काशीवासियों ने ढोल-नगाड़ों, डमरू और शंखनाद के बीच गुलाब की पंखुड़ियों से पीएम का स्वागत किया। ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से पूरी काशी गूंज उठी। पीएम मोदी ने भी हाथ हिलाकर जनता का स्नेह स्वीकार किया।
मंदिर परिसर के चौक में बच्चों को दुलारा
मंदिर परिसर के चौक में दर्शन के लिए आए छोटे बच्चों को देखकर प्रधानमंत्री खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने बच्चों के पास जाकर उनसे बात की, उनका सिर सहलाया और दुलार किया। प्रधानमंत्री से बात कर बच्चे भी काफी उत्साहित नजर आए।
दर्शन-पूजन और जन-अभिवादन के बाद प्रधानमंत्री बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, जहां से वह अपनी अगली जनसभा के लिए हरदोई के लिए प्रस्थान कर गए। हरदोई में वह 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार उत्तर प्रदेश के सबसे विराट गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे।
