पश्चिम बंगाल चुनाव : अंतिम चरण की वोटिंग के दौरान हिंसा व तोड़फोड़, ममता बनर्जी सड़क पर उतरीं

कोलकाता, 29 अप्रैल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे व अंतिम चरण के मतदान के शुरुआती घंटों में बुधवार को राज्य के कई हिस्सों से हिंसा, तोड़फोड़ व बवाल की खबरें सामने आईं हैं। अधिकारियों के अनुसार चापड़ा, शांतिपुर, निमतला और भांगड़ समेत कई स्थानों से हिंसा और तोड़फोड़ की शिकायतें मिली हैं।

भाजपा और टीएमसी का एक-दूसरे पर आरोप

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने आरोप लगाया कि नदिया जिले के चापड़ा में बूथ संख्या 53 पर भाजपा के एक पोलिंग एजेंट पर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बदमाशों ने हमला किया। वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर गुंडई का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि रातभर चली काररवाई में टीएमसी के कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बारिश के बीच अपराह्न एक बजे तक 61.11 % वोटिंग

इस बीच दक्षिण बंगाल के सात जिलों – कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली, नदिया व पूर्व बर्धमान की 142 सीटों पर अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम के बीच जारी मतदान के दौरान कई क्षेत्रों में बारिश का भी दखल देखने को मिला। फिलहाल मतदान केंद्रों पर लोग लंबी कतारों में खड़े होकर अपने वोट का इंतजार करते नजर आए। इसी क्रम में अपराह्न एक बजे तक 61.11 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। वहीं पूर्वाह्न 11 बजे तक 39.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

नादिया में भाजपा प्रत्याशी के एजेंट पर हमला

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नादिया में घायल व्यक्ति की पहचान मुशर्रफ मीर के रूप में हुई है, जिसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाजपा प्रत्याशी सैकत सरकार ने कहा कि यह घटना मतदान का अभ्यास (मॉक पोल) शुरू होने के बाद हुई। उन्होंने कहा कि तृणमूल समर्थकों ने भाजपा एजेंट को रोका और उसके सिर पर वार किया, जिससे वह घायल हो गया। इस संबंध में स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, हालांकि तृणमूल ने आरोपों से इनकार किया है।

पुलिस के अनुसार शांतिपुर में वार्ड संख्या 16 स्थित भाजपा के कैंप कार्यालय में बुधवार सुबह तोड़फोड़ की गई। वहां फर्नीचर तोड़ दिया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।

दक्षिण 24 परगना में आईएसएफ के एजेंट को रोकने का आरोप

दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में आरोप लगे कि इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के एक एजेंट को मतदान केंद्र में प्रवेश करने से रोका गया, जिससे अशांति फैल गई। आईएसएफ नेता अराबुल इस्लाम ने दावा किया कि एजेंटों के फॉर्म छीने जा रहे हैं और उन्हें बाहर निकाला जा रहा है… महिलाओं को वोट नहीं डालने दिया जा रहा। हमने एजेंट इसलिए तैनात किए ताकि सभी वोट डाल सकें।

ममता बनर्जी के भाई ने लगाया आरोप

वहीं पुलिस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बनर्जी और तृणमूल कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी, जो एक मतदान केंद्र के पास एकत्र हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि एक स्थान पर चार से अधिक लोगों के जुटने की अनुमति नहीं है। उधर उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी अजय पाल शर्मा सुबह से दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा इलाके में काफिले के साथ गश्त करते नजर आए। डायमंड हार्बर और फाल्टा में केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं।

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