दिल्ली दंगों से जुड़े राजद्रोह केस में शरजील इमाम को दिल्ली हाई कोर्ट ने दी जमानत

नई दिल्ली, 29 मई। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों से जुड़े राजद्रोह मामले में शरजील इमाम को जमानत दे दी है। शरजील के कथित भड़काऊ भाषणों के लिए उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था, जिसमें कोर्ट ने वैधानिक जमानत दे दी है।

लगभग साढ़े चार साल बाद मिली वैधानिक जमानत

भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ता शरजील इमाम को लगभग साढ़े चार साल बाद जमानत मिली है। मामले में इस आधार पर वैधानिक जमानत मांगी गई थी कि वह अधिकतम सात साल की सजा में से चार साल पहले ही जेल में बिता चुके हैं।

कड़कड़डूमा कोर्ट से नहीं मिली थी बेल

गौरतलब है कि गत फरवरी में दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने शरजील इमाम को वैधानिक जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद शरजील ने हाई कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी थी।

उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और दिल्ली के जामिया इलाके में शरजील इमाम द्वारा दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों के संबंध में दिल्ली की एक अदालत ने जनवरी, 2022 में उनपर देशद्रोह का आरोप लगाने का आदेश दिया था। एडिशनल सेशन जज अमिताभ रावत ने शरजील इमाम के खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए (देशद्रोह), 153ए, 153बी, 505 और यूएपीए की धारा 13 के तहत आरोप तय करने के आदेश दिए थे। जेएनयू के पूर्व छात्र और शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में से एक शरजील इमाम को 2020 में बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया गया था।

जामिया में हुई थी हिंसा

दिसम्बर, 2019 में जामिया नगर इलाके में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे थे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के बाद हिंसा भड़क गई थी, जिसको लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। शरजील इमाम पर 13 दिसम्बर, 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया में भड़काऊ भाषण देकर दंगे भड़काने का आरोप लगाया गया था।

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