Homeहिन्दीमहत्वपूर्ण कहानियांसंघ सम्पूर्ण समाज का संगठन है : डॉ. मनमोहन वैद्यजी

संघ सम्पूर्ण समाज का संगठन है : डॉ. मनमोहन वैद्यजी

अखिल भारतीय वार्षिक प्रतिनिधि सभा का उद्घाटन पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत एवं मा. सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्रपर पुष्पार्चन करके किया. इस वर्ष बैठक का आयोजन नागपुर में रेशिम बाग, स्मृति मन्दिर परिसर में 15-17 मार्च तक किया गया है. बैठक में सभी 45 प्रांतों से 1500 से अधिक कार्यकर्ता उपस्थित हैं. 

देश के 99 % जिलों में संघ का कार्य चल रहा है। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्यजी ने आज अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभामें आयोजित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कही। इस समय मंच पर संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनीलजी आम्बेकर उपस्थित थे। इस अवसर पर अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री नरेंद्र कुमारजी और श्री आलोक कुमारजी भी उपस्थित थे ।

डॉ. मनमोहन वैद्य ने संघ कार्य के विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि, कार्य की दृष्टि से संघ के 45 प्रान्त हैं,  इसके बाद विभाग और फिर जिला, खंड ऐसी रचना है। संघ की कुल 73,117 दैनिक शाखाएं लगती हैं। गत वर्ष से 4,466 शाखाएं बढ़ी हैं। इन शाखाओं में 60 प्रतिशत विद्यार्थी और 40 प्रतिशत नौकरी अथवा व्यवसाय करनेवाले कार्यकर्ताओं का समावेश है। इसमें 40 वर्ष से अधिक आयु के प्रौढ़ों की संख्या 11 प्रतिशत है। साप्ताहिक मिलन की संख्या 27,717 है जिसमें गत वर्ष से 840 साप्ताहिक मिलनों की वृद्धि हुई। संघ मंडली की संख्या 10,567 है। नगर और महानगरों के 10 हजार बस्तियों में 43 हजार प्रत्यक्ष शाखाएं लगती हैं।  

महिला समन्वय के कार्य में राष्ट्र सेविका समिति व विभिन्न संगठनों में सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं के माध्यम से 44 प्रान्तों में 460 महिला सम्मेलन हुए, जिसमें 5 लाख, 61 हजार महिलाएं सहभागी हुईं। अहिल्याबाई होल्कर की जन्म की त्रिशताब्दी वर्ष मई 2024 से अप्रैल 2025 तक मनाई जानेवाली है। अहिल्याबाई होल्कर ने देशभर के धार्मिक स्थलों का पुनर्निमाण करवाया और अभावग्रस्त लोगों के आर्थिक स्वावलम्बन के लिए बहुत कार्य किए हैं, जिसके संबंध में समाज को जानकारी नहीं है। इस वर्ष उनके योगदान को सम्पूर्ण भारत में प्रसारित करने की दृष्टि  से योजना पर कार्य शुरू है।

  • आगामी लोकसभा चुनाव में शत प्रतिशत मतदान हो, इस हेतु संघ स्वयंसेवक घर-घर जाकर जन जागृति करेंगे

अयोध्या में रामलला प्राण-प्रतिष्ठा से संघ का व्यापक जनसंपर्क हुआ। अक्षत वितरण अभियान द्वारा 5,78,778 गावों और 4,727 नगरों के कुल 19 करोड़, 38 लाख, 49 हजार, 71 परिवारों का स्वयंसेवक सहित 44 लाख, 98 हजार 334 रामभक्तों ने संपर्क किया।

  • संघ शिक्षा वर्गों की रचना में नवीन पाठ्यक्रम 

संघ शिक्षा वर्ग की रचना में नवीन पाठ्यक्रम जोड़ने का निर्णय हुआ है। पहले संघ शिक्षा वर्ग की रचना में – 7 दिनों का प्राथमिक शिक्षा वर्ग, 20 दिनों का प्रथम वर्ष, 20 दिनों का द्वितीय वर्ष और 25 दिनों का तृतीय वर्ष होता था। अब आगे नवीन रचना में 3 दिनों का प्रारम्भिक वर्ग, 7 दिनों का प्राथमिक शिक्षा वर्ग तथा 15 दिनों का संघ शिक्षा वर्ग तथा कार्यकर्ता विकास वर्ग-एक 20 दिन और 25 दिनों का कार्यकर्ता विकास वर्ग-2 होंगे । इन वर्गों में विशेष रूप से व्यावहारिक प्रशिक्षण का समावेश भी रहेगा। 

rss.org संघ के इस बेबसाइट पर प्रतिवर्ष जॉइन आरएसएस हेतु वर्ष 2017 से 2023 तक 1 लाख से अधिक रिक्वेस्ट निरंतर आ रही है। जनवरी और फ़रवरी 2024 में इन आंकड़ों में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद दोगुनी बढ़ोतरी हुई है।

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