UP: कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटा, 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा; CM योगी ने लिया संज्ञान

लखनऊ, 29 सितंबर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सोमवार देर रात नारायणी नदी ने आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ा दी। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के ततवा टोला, चैन पट्टी और जवहीं माली एहतमाली के पास नारायणी नदी का एपी तटबंध टूट गया, जिसके बाद बाढ़ का पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ने लगा। तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत की बात है कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश पहले ही दे दिए थे। तटबंध टूटने के बाद करीब 20 से 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा बताया जा रहा है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।

  • जलस्तर घटने के बाद बढ़ा कटाव

स्थानीय लोगों के मुताबिक, सोमवार रात करीब 12 बजे नारायणी नदी का जलस्तर घटकर लगभग 2.54 लाख क्यूसेक रह गया था। जलस्तर कम होने के बाद नदी में कटाव तेज हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि तटबंध में बने रैट होल और लगातार हो रहे सीपेज के कारण कमजोर हुआ हिस्सा आखिरकार टूट गया। बताया जा रहा है कि तटबंध में पिछले कई दिनों से रिसाव और कटाव की समस्या बनी हुई थी। सोमवार देर रात अचानक तटबंध का बड़ा हिस्सा टूट गया और पानी आसपास के इलाकों में फैलने लगा।

  • NDRF और SDRF को किया गया सक्रिय

तटबंध टूटने के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। NDRF और SDRF की टीमों को भी मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही प्रशासन की प्राथमिकता निचले इलाकों में पानी के फैलाव को देखते हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों में जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने की कवायद की जा रही है।

  • CM योगी ने देर रात लिया घटना का संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कुशीनगर में तटबंध टूटने की घटना का तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर मंडलायुक्त, एडीजी और कुशीनगर के जिलाधिकारी से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सीएम ने अधिकारियों को प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मौके की स्थिति और राहत कार्यों की लगातार जानकारी लेने को भी कहा।

  • स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर उठाए सवाल

स्थानीय निवासी संजीव यादव ने आईएएनएस से बातचीत में दावा किया कि तटबंध में पिछले कई दिनों से कटाव और सीपेज की समस्या थी। उन्होंने आरोप लगाया कि तटबंध की स्थिति को लेकर पहले से पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। एक अन्य स्थानीय निवासी के मुताबिक, करीब 100 मीटर तटबंध टूटने से 20 से 25 गांव प्रभावित हुए हैं। वहीं रितेश सिंह ने बताया कि तटबंध का करीब 70 से 100 मीटर हिस्सा टूट गया है। उनके अनुसार, कई गांवों के लोग प्रभावित हुए हैं और ग्रामीण सुरक्षित हैं, लेकिन उनके सामान को नुकसान पहुंचा है।

स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि तटबंध में करीब तीन दिन से रिसाव हो रहा था। हालांकि, प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना, राहत सामग्री उपलब्ध कराना और तटबंध टूटने से प्रभावित इलाकों में स्थिति को नियंत्रित करना है।

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