जिम्बाब्वे : करिबा झील में नौका पलटने से 44 मरे, क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे, 77 लोग बचाए गए

हरारे, 12 अगस्त। जिम्बाब्वे में एक करिबा झील में मंगलवार को नौका पलटने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 44 तक जा पहुंची है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने यह जानकारी दी। एजेंसी के अनुसार 90 लोगों को ले जाने में सक्षम नौका में क्षमता से अधिक लोग सवार थे।

एजेंसी के अनुसार 77 लोगों को बचाकर झील के एक छोटे द्वीप पर पहुंचा दिया गया है एवं उन्हें वापस लाने के लिए नौकाएं भेजी जा रही हैं। जिम्बाब्वे के सरकारी प्रसारक ‘जेडबीसी’ ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें तेज गति वाली कुछ नौकाएं झील में पलटी हुई नौका की ओर जाती दिखाई दे रही हैं। इस दौरान एक हेलीकॉप्टर भी घटनास्थल के ऊपर चक्कर लगाता दिख रहा है।

वहीं जिम्बाब्वे की नागरिक सुरक्षा इकाई ने एक बयान में कहा कि टिकटों की बिक्री के आंकड़ों के अनुसार, नौका पर 114 वयस्क यात्री और चालक दल के पांच सदस्य सवार थे। बयान में कहा गया है कि संभव है कि नौका पर ऐसे बच्चे भी सवार हों, जिनके लिए टिकट की आवश्यकता नहीं होती।

जिम्बाब्वे व जाम्बिया की सीमा पर स्थित करिबा झील दुनिया के सबसे बड़े मानव-निर्मित जलाशयों में एक

एजेंसी ने इस दुर्घटना को आधिकारिक तौर पर आपदा घोषित करने की सिफारिश की है। जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित करिबा झील दुनिया के सबसे बड़े मानव-निर्मित जलाशयों में से एक है। जिम्बाब्वे और जाम्बिया इस झील को साझा करते हैं और दोनों देशों के बीच आधिकारिक सीमा झील के बीचोंबीच से गुजरती है।

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