Uttarakhand Rain Alert: किन्नौर में भूस्खलन से NH-5 बंद, बद्रीनाथ हाईवे समेत कई सड़कें प्रभावित
किन्नौर, 6 जलाई। उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। किन्नौर जिले के निचार क्षेत्र के निगुलसरी में मंगलवार सुबह हल्की बारिश के बाद पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) बाधित हो गया। क्षेत्र में लगातार चट्टानें गिरने का सिलसिला जारी है, जिससे सड़क बहाली के काम में मुश्किलें आ रही हैं।
निगुलसरी में आवाजाही पर प्रशासन ने लगाई रोक
प्रशासन ने लोगों से निगुलसरी भूस्खलन क्षेत्र के पास यात्रा नहीं करने की अपील की है। वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई है, लेकिन बारिश के दौरान वहां भी पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। मलबा और चट्टानों को हटाने के लिए प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन ऊपर से गिर रहे पत्थरों के कारण राहत और सड़क खोलने के कार्य में बाधा आ रही है।
कई प्रमुख मार्ग भूस्खलन से प्रभावित
भूस्खलन का असर अन्य इलाकों में भी देखने को मिला है। हेलंग में भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुआ है, जबकि आमसौड़ में मलबा आने से नारायणबगड़-कर्णप्रयाग मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।
निचार क्षेत्र में लगातार खराब मौसम
किन्नौर जिले में पिछले कई दिनों से मौसम खराब बना हुआ है। निचार क्षेत्र में सुबह और शाम बारिश हो रही है। हालांकि पूह और कल्पा क्षेत्रों में हल्की बारिश के साथ आसमान में बादल छाए हुए हैं। बरसात के मौसम में निगुलसरी और नाथपा झूला क्षेत्र पहले से ही भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। सेब और मटर सीजन के दौरान यहां बागवानों और किसानों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
