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महाराष्ट्र : पुणे और आसपास के इलाकों में जहरीली शराब पीने से 17 लोगों की मौत, कई अन्य की हालत गंभीर

महाराष्ट्र : पुणे और आसपास के इलाकों में जहरीली शराब पीने से 17 लोगों की मौत, कई अन्य की हालत गंभीर

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पुणे (महाराष्ट्र), 29 मई। महाराष्ट्र में पुणे और आसपास के इलाकों – हड़पसर, दापोडी व फुगेवाड़ी में जहरीली शराब पीने से एक ही दिन में 17 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

जहरीली स्पिरिट सप्लाई करने वाला योगेश वानखेड़े गिरफ्तार

राज्य आबकारी विभाग ने इस मामले में योगेश वानखेड़े को गिरफ्तार किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच से पता चला है कि वानखेड़े ही पिंपरी-चिंचवाड़ और पुणे इलाकों में जहरीली स्पिरिट सप्लाई करता था।

शक है कि इसी स्पिरिट से बनी शराब पीने से लोगों की मौत हुई। बताया जा रहा है कि कई मौतों के बाद जब हालात गंभीर हो गए तो योगेश वानखेड़े ने खुद ही अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दिया।

सीएम फडणवीस ने घटना की जांच के दिए आदेश

वहीं सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में दूसरे लोगों के भी शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए जांच एजेंसियां ​​कई दिशाओं में सुराग ढूंढ रही हैं।

जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त काररवाई की मांग

फिलहाल घटना से पूरे इलाके में डर का माहौल फैल गया है और लोग जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त काररवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं फुगेवाड़ी और दापोडी के लोगों ने जल्द से जल्द सच सामने लाने की मांग की है। हड़पसर और पिंपरी-चिंचवाड़ शहर में फैले दापोडी और फुगेवाड़ी इलाकों में हुई मौतों को लेकर प्रशासन और पुलिस दोनों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों ने इन सभी मौतों के लिए बैन बैकयार्ड डिस्टिलरी में बनी गैर-कानूनी, जहरीली देसी शराब को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का आरोप है कि इलाके में देसी शराब की गैर-कानूनी बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है और इस गैर-कानूनी धंधे में पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर गुस्सा बढ़ रहा है।

एनसीपी नेता और पूर्व मेयर योगेश बहल ने निष्पक्ष जांच की मांग की

वहीं घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। एनसीपी नेता और पूर्व मेयर योगेश बहल ने मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कारर वाई की मांग की है और अधिकारियों से ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने का आग्रह किया है।

हालांकि, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने मामले पर एक अलग नजरिया पेश किया है। पुलिस का दावा है कि पिंपरी-चिंचवाड़ में हुई आठ मौतों में से पांच की अलग-अलग वजहें थीं। फिर भी ऐसी जानकारी सामने आई है, जिससे पता चलता है कि मरने वालों में से कई लोगों को मौत से पहले बहुत ज़्यादा चक्कर आने के लक्षण दिखे थे।

विधायक रोहित पवार का पुलिस कमिश्नर पर हमला

इस बीच कथित जहरीली शराब हादसे के बारे में विधायक रोहित पवार ने कहा कि स्थानीय पुलिस कमिश्नर सिर्फ एक ‘रबर-स्टैम्प’ अधिकारी हैं, जो अपने सीनियर अधिकारियों से मिले आदेश को पूरा करने के अलावा और कुछ नहीं करते।

उन्होंने कहा कि जब से कमिश्नर ने ऑफिस संभाला है, दिन-दहाड़े लोगों पर सड़कों पर लोगों पर दरांती से हमला होने की घटनाएं आम हो गई हैं। इसके अलावा, यहां लोगों में इकट्ठा होने पर रोक लगाने का आदेश लागू कर दिया गया है, जबकि ऐसा करने के लिए कोई हालात नहीं थे।

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