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गोरखपुर में बोले सीएम योगी- महिला विरोधी हैं सपा-कांग्रेस, नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहतीं

गोरखपुर में बोले सीएम योगी- महिला विरोधी हैं सपा-कांग्रेस, नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहतीं

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गोरखपुर, 22 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के लोकसभा से पारित न होने पर कांग्रेस व समाजवादी पार्टी सहित सभी विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां महिलाओं को नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहती हैं। कांग्रेस और सपा का इतिहास व उनके कारनामे महिला विरोधी हैं।

वाराणसी के दो दिवसीय दौरे के बाद बुधवार को ही पश्चिम बंगाल में कुछ चुनावी रैलियों के उपरांत देर शाम गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी ने योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं का अधिकार है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में जब नया संसद भवन बना तो पीएम ने सबसे पहला अधिनियम नारी शक्ति वंदन का ही पारित कराया।

सीएम योगी ने कहा कि संशोधन विधेयक के जरिये 2029 के लोकसभा चुनाव से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को कानून बनाने और उसके क्रियान्वयन में भागीदारी का अधिकार देना चाहते हैं, लेकिन विधेयक के गिरने पर जश्न मनाने वाले महिला विरोधी विपक्ष को यह मंजूर नहीं है।

देख सपाई, बिटिया घबराई

मुख्यमंत्री योगी ने इसके लिए मुख्य रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा के कारनामे शुरू से ही महिला विरोधी रहे हैं। कांग्रेस ने महिलाओं, दलितों, वंचितों, पिछड़ों के अधिकार में हमेशा बाधा डालने का काम किया जबकि सपा तो घोषित रूप से नारी विरोधी है। सपा के बारे में यह कहा भी जाता है – ‘देख सपाई, बिटिया घबराई।’

पौने दो लाख महिलाएं भर्ती

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सपा सरकार में मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोगों ने बेटियों को स्कूल भेजना बंद कर दिया था जबकि आज बेटियां बिना रोकटोक के स्कूल जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 1947 से लेकर 2017 तक यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिलाओं की भर्ती हुई थी जबकि 2017 के बाद यह संख्या 44 से 45 हजार है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस भर्ती होने पर 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य कर दिया गया है। 2017 के बाद से नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियों में भर्ती हुई हैं और इनमें पौने दो लाख महिलाएं भर्ती हुई हैं। एमएसएमई रिवाइवल से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, प्रदेश में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप शुरू हुए हैं और इनमें आधी भागीदारी महिलाओं की है।

महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक है। पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को सुनिश्चित प्रतिनिधित्व मिल गया है और उसके परिणाम भी सुखद हैं। राज्य में 54 प्रतिशत ब्लॉक प्रमुख महिलाएं ही हैं। इसी तरह ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों को देखें तो महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।

उन्होंने कहा कि अब संसद और विधानसभाओं में भी महिलाओं 33 प्रतिशत आरक्षण देने का अभियान पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिये शुरू किया तो सपा, कांग्रेस जैसे महिला विरोधी दल बहानेबाजी करने और लटकाने-भटकाने पर उतर आए।

बहुत दिनों तक कोई अधिकार से वंचित नहीं कर पाएगा

भीषण गर्मी के बावजूद सम्मेलन में महिलाओं की बड़ी संख्या को देखकर प्रसन्न मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति की हिस्सेदारी यह साफ संदेश है कि महिलाओं को उनके अधिकार से बहुत अधिक दिनों तक कोई वंचित नहीं रख सकता। यह नारी शक्ति द्वारा भीख नहीं मांगी जा रही है, उसका यह स्वतः अधिकार है, जिसको आजादी के बाद से ही लटकाने का प्रयास हो रहा था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी आबादी के प्रति कृत ज्ञापित करते हुए अभियान प्रारंभ किया है। पीएम मोदी का मानना है कि जहां नारी सशक्त होती है तो वह परिवार अपने आप में समर्थ होता है। जब परिवार समर्थ होता है तो समाज की नींव सुदृढ़ होती है और जब समाज की नींव सुदृढ़ होती है तो राष्ट्र शक्तिशाली और समृद्ध होता है।

भारत की परंपरा में प्रतिष्ठित है मातृशक्ति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के इतिहास और इसकी परंपरा में मातृशक्ति सदैव प्रतिष्ठित रही है। माताओं के नाम से जोड़कर भगवान राम को कौशल्यानंदन, प्रभु कृष्ण को यशोदानंदन, भीष्म पितामह को गांगेय, अर्जुन को कौंतेय कहा जाना इसी का प्रमाण है। श्रीराम में श्री शब्द माता सीता के लिए है। सियावर रामचंद्र की जय का जयकारा भी पहले माता सीता का नाम जोड़कर लगाया जाता है। श्रीकृष्ण की धरा मथुरा-वृंदावन में हर संबोधन राधे-राधे के नाम से शुरू होता है। काशी में नमः पार्वती पतये का उद्घोष होता है। देवतुल्य नदी गंगा जी को भी मां गंगे कहा जाता है। पशुयोनि में होने के बावजूद गाय को गोमैया कहा जाता है। यह सभी मातृशक्ति के संबोधन से ही जुड़े हुए हैं।

जो लोग गाय खाते हैं, वे सुअर का दूध पीते हैं क्या?

सीएम योगी ने कहा कि दुनिया का कोई भी देश हो, वह गाय को माता भले न माने, लेकिन दूध वह गाय का ही पीता है। उन्होंने सवाल भी उठाया, जो लोग गाय खाते हैं, वे सुअर का दूध पीते हैं क्या?

 

नारी गरिमा की महत्ता का सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा और उसकी महत्ता को हर स्तर पर सम्मान देते हुए आगे बढ़ाने का काम देश में 2014 के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ है। पहले बेटी संपत्ति में अपना अधिकार न मांग सके, इसके लिए भ्रूण हत्या की शिकायतें आ रही थीं। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, इंद्रधनुष योजना जैसे कार्यक्रमों से महिला और पुरुष अनुपात की भिन्नता व भ्रूण हत्या जैसे अभिशाप को रोकने के प्रयास किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भी बिटिया के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलाई। 26 लाख बेटियां वर्तमान में इस योजना का लाभ ले रही हैं।

सीएम योगी ने महिला कल्याण और बाल विकास विभाग के स्टाल का भी अवलोकन किया। बाल विकास के स्टाल पर उन्होंने नौनिहालों का अन्नप्राशन भी कराया। उन्होंने बच्चों को खीर खिलाने के बाद उन्हें आशीर्वाद और उपहार दिया। साथ ही उन्होंने माताओं से कहा – बच्चों को आराम से खीर खिलाइए और जो बच जाए, उसे स्वयं खा लीजिएगा।

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