नई दिल्ली, 20 सितंबर। देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने के बीच कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को महाराष्ट्र समेत 9 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र तेजी से सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते तटीय और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
23 सितंबर तक डीप डिप्रेशन में बदल सकता है सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अंडमान सागर के ऊपर विकसित हुआ कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 23 सितंबर की सुबह तक ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने से पहले डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई है। डीप डिप्रेशन एक शक्तिशाली मौसम प्रणाली होती है और इसके प्रभाव से संबंधित क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय इलाकों में मौसम खराब होने की चेतावनी दी है।
ओडिशा के 10 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट
मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा के तटीय और आंतरिक इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, ढेंकनाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ समेत 10 जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम खराब रहने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली से 4 लोगों की मौत
मध्य भारत में भी खराब मौसम लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। छत्तीसगढ़ में शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आंधी-बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों में न रहें। पेड़ों, बिजली के खंभों और अन्य जोखिम वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने तथा सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ और कटान से बढ़ी परेशानी
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी बाढ़ और नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कटान की समस्या बनी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, नदियों के तेज बहाव और कटान के चलते करीब 12 एकड़ उपजाऊ और रिहायशी जमीन जलमग्न होकर बह गई है। जमीन के कटान से प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।


