सागर जहरीली शराब कांड में ललितपुर कनेक्शन पर UP Police की सफाई, कहा- अभी कोई सबूत नहीं

लखनऊ, 8 सितंबर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में मेथेनॉल मिश्रित जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में ललितपुर कनेक्शन को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने सफाई दी है। ललितपुर पुलिस का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे सागर की शराब त्रासदी का संबंध ललितपुर में अवैध शराब के उत्पादन से साबित हो सके।

यह बयान सागर पुलिस की ओर से जहरीली शराब मामले के तार ललितपुर से जुड़े होने की संभावना जताए जाने के बाद आया है। सागर में जहरीली शराब पीने से एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि कई अन्य अस्पताल में भर्ती हैं। मामले के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने संबंधित आबकारी और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

4 मई की कार्रवाई का ललितपुर पुलिस ने दिया हवाला

ललितपुर पुलिस ने बताया कि 4 मई 2026 को अवैध शराब के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया गया था। इस दौरान कथित तौर पर अवैध शराब गतिविधियों में शामिल एक गिरोह को पकड़ा गया था।

पुलिस के अनुसार, गिरोह से रवि लखेरा और चंद्रेश लोधी के नाम जुड़े थे। दोनों के मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से संबंध बताए गए थे। ललितपुर पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

सागर FIR में 20 आरोपी, एक को छोड़कर सभी MP के निवासी

ललितपुर पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सागर पुलिस की एफआईआर में नामजद 20 आरोपियों में से 19 मध्य प्रदेश के निवासी हैं। केवल एक आरोपी को ललितपुर का निवासी बताया गया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से बांदा थाना क्षेत्र में रह रहा है।

ललितपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने बताया कि आरोपी रवि लखेरा के पास मध्य प्रदेश में शराब की दुकानों के लाइसेंस हैं। उनके खिलाफ मध्य प्रदेश के अलग-अलग पुलिस थानों में शराब से जुड़े कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।

उन्होंने बताया कि 6 सितंबर को बांदा पुलिस स्टेशन में अपराध संख्या 658/2026 के तहत दर्ज मामले में नामजद सभी 20 आरोपियों की जानकारी सामने आई है। उनके मुताबिक, आकाश राय को ललितपुर के मदावरा का निवासी बताया गया है, लेकिन वह करीब 10 वर्षों से बांदा थाना क्षेत्र में रह रहा है।

‘ललितपुर में अवैध शराब बनाने का कोई सबूत नहीं’

एएसपी कालू सिंह ने कहा कि ललितपुर में स्पिरिट या रसायनों के इस्तेमाल से अवैध शराब बनाए जाने की कोई जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

उन्होंने कहा, “सागर पुलिस की जांच में ललितपुर से संबंधित कोई तथ्य सामने आया हो तो उसे ललितपुर पुलिस के साथ साझा किया जाना चाहिए।”

ललितपुर पुलिस के मुताबिक, पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ लगातार संयुक्त अभियान चला रही हैं।

सागर एसपी ने जताई थी ललितपुर कनेक्शन की संभावना

ललितपुर पुलिस का स्पष्टीकरण सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के बयान के बाद आया। एसपी सुजानिया ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा था कि बांदा तहसील क्षेत्र के गांवों में हुई मौतों का कारण बनी नकली शराब के तार ललितपुर से जुड़े होने की प्रबल संभावना है।

उन्होंने ललितपुर में हाल में पकड़े गए कथित नकली शराब रैकेट का हवाला देते हुए इस दिशा में जांच की बात कही थी। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से मीडिया को दी गई जानकारी में भी त्रासदी के संभावित ललितपुर कनेक्शन का उल्लेख किया गया था।

जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

फिलहाल मामले में सागर पुलिस और ललितपुर पुलिस के दावों में अंतर दिखाई दे रहा है। सागर पुलिस ने ललितपुर कनेक्शन की संभावना जताई है, जबकि ललितपुर पुलिस का कहना है कि उसके जिले में अवैध शराब उत्पादन से सागर की घटना का संबंध साबित करने वाला कोई सबूत अभी सामने नहीं आया है।

ऐसे में जांच में सामने आने वाले साक्ष्य ही यह स्पष्ट करेंगे कि सागर की जहरीली शराब त्रासदी के तार वास्तव में ललितपुर से जुड़े हैं या नहीं।

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