टोरेंट पावर ने Q४ २०२५-२६ के परिणामों की घोषणा की: वित्तीय वर्ष के लिए २००% डिविडेंड घोषित किया
अहमदाबाद: टोरेंट पावर लिमिटेड (“कंपनी”) ने आज ३१ मार्च, २०२६ को समाप्त तिमाही और वित्तीय वर्ष के वित्तीय परिणामों की घोषणा की। वित्तीय वर्ष २०२५-२६ में ₹६३७ करोड़ की एकमुश्त, नॉन-कैश डिफर्ड टैक्स देनदारियों के रिवर्सल को समायोजित करने के बाद, वर्ष के लिए TCI में ₹९२ करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई। इस वृद्धि में मुख्य रूप से निम्नलिखित कारकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा:
- लाइसेंस प्राप्त और फ्रेंचाइजी वितरण व्यवसायों के परिचालन प्रदर्शन में सुधार।
- रिन्यूएबल ऊर्जा क्षेत्र में बेहतर परिचालन प्रदर्शन, हालांकि नए प्रोजेक्ट्स के कार्यान्वयन के कारण बढ़ी ब्याज और मूल्यह्रास लागत से इसका प्रभाव आंशिक रूप से कम हुआ।
- गैस आधारित बिजली उत्पादन व्यवसाय का योगदान, बदलती बिजली मांग और गैस बाजार की अस्थिरता के कारण सीमित रहा।
- वित्तीय वर्ष २०२४ – २५ के दौरान नॉन-करंट निवेशों की बिक्री से प्राप्त लाभ।
३१ मार्च, २०२६ की स्थिति में कंपनी के पास मजबूत बैलेंस-शीट है। कंपनी का नेट डेब्ट : इक्विटी अनुपात 0.67 तथा नेट डेब्ट : EBITDA अनुपात 2.06 रहा, जो निजी बिजली क्षेत्र की कंपनियों में सर्वश्रेष्ठ वित्तीय अनुपातों में से एक है।
कंपनी के प्रदर्शन के बारे में जानकारी देते हुए टोरेन्ट पावर के वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जीनल महेता ने कहा कि, “वित्तीय वर्ष २०२५ – २६ हमारी विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन साबित हुआ है, क्योंकि हम स्थिर और मजबूत विकास के अगले चरण के लिए तैयार हो रहे हैं। हमारी दीर्घकालिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए, हमने रिन्यूएबल ऊर्जा, थर्मल और स्टोरेज सॉल्यूशंस व्यवसाय के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर निवेश करने की प्रतिबद्धता दिखाई है। थर्मल व्यवसाय में, हमने ३ GW क्षमता वृद्धि के लिए ₹३०,००० करोड़ से अधिक निवेश करने का निर्णय लिया है, जिसमें मध्य प्रदेश में १,६०० MW की नई पावर परियोजना की शुरुआत तथा १,४०० MW की नाभा पावर के रणनीतिक अधिग्रहण का समावेश है। इससे थर्मल पावर उत्पादन क्षेत्र में हमारी स्थिति और अधिक मजबूत होगी।
हमने BP और JERA जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ दीर्घकालिक LNG साझेदारी समझौतों के माध्यम से अपने गैस आधारित पोर्टफोलियो की ईंधन सुरक्षा को मजबूत किया है, साथ ही बाजार की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए कुछ क्षमताओं को खुला रखा है।
हमारा वितरण व्यवसाय हमारे मजबूत ऑपरेटिंग मॉडल और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को निरंतर दर्शाता है। हमारे लाइसेंसी व्यवसायों में हमने केवल २.३३% डिस्ट्रीब्यूशन लॉस हासिल किया है, जो देश में सबसे कम है। इसके अलावा, ६५ डिस्कॉम्स के बीच राष्ट्रीय रैंकिंग में हमने प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो विश्वसनीयता, कार्यक्षमता और उपभोक्ता विश्वास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
निरंतर आगे बढ़ते हुए, हम रिन्यूएबल ऊर्जा, थर्मल, स्टोरेज सॉल्यूशंस और वितरण क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति वाला विविधीकृत ऊर्जा प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे हैं। भारत का बिजली क्षेत्र अब अधिक मांग वाले विकास चरण में प्रवेश कर रहा है और हम भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं में हो रहे बदलावों को पूरा करने तथा दीर्घकालिक मूल्य निर्माण के लिए उत्कृष्ट स्थिति में हैं।
मध्य–पूर्व की अस्थिर परिस्थितियों के कारण निकट भविष्य में कुछ चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं, फिर भी भारत का बिजली क्षेत्र मजबूत माँग और उज्ज्वल विकास संभावनाओं से समर्थित है। मजबूत वित्तीय स्थिति और रणनीतिक दिशा के आधार पर हमें अपने सभी हितधारकों के लिए सतत विकास और दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करने की अपनी क्षमता पर पूरा विश्वास है।”
आज आयोजित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में प्रति इक्विटी शेयर ₹५.०० के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की गई है। वित्तीय वर्ष २०२५ – २६ के लिए कुल डिविडेंड प्रति इक्विटी शेयर ₹२०.०० निर्धारित किया गया है, जिसमें प्रति शेयर ₹१५.०० का अंतरिम डिविडेंड तथा प्रति शेयर ₹५.०० का अंतिम डिविडेंड शामिल है।
