लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स वसूली रोकी गई, NHAI ने लापरवाही पर कम्पनी को किया ब्लैकलिस्ट

लखनऊ, 5 अगस्त। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गत 26 जुलाई को सड़क धंसने के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कठोर काररवाई करते हुए निर्माण कम्पनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को नोटिस जारी की है और लापरवाही के चलते उसे ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने का प्रस्ताव भी रखा है। इसके अलावा सुधार कार्य पूरा होने तक इस एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से कोई टोल टैक्स न लेने का भी फैसला किया गया है। एनएचएई कार्यालय में संबंधित अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एनएचएआई के चीफ जनरल मैनेजर (तकनीकी) व क्षेत्रीय अधिकारी विशाल गौतम ने बताया कि भविष्य की NHAI परियोजनाओं में कम्पनी के भाग लेने पर रोक लग सकती है। इस बीच जहां पर सड़क धंसी थी, वहां पर तत्काल सुधार का काम शुरू किया गया है। इसके साथ ही उस स्थान पर तकनीकी परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।

जिम्मेदार सभी संबंधित पक्षों के विरुद्ध काररवाई शुरू

विशाल गौतम ने बताया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में पाई गई कमियों के लिए जिम्मेदार सभी संबंधित पक्षों के विरुद्ध काररवाई भी शुरू कर दी गई है। साथ ही संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है।

एनएचएआई की काररवाई

  • लापरवाही के कारण कम्पनी पर परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2% जुर्माना लगाया गया है।
  • हेड ऑफ पेवमेंट और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों पर अधिकतम तीन साल तक का प्रतिबंध लगाने की काररवाई शुरू कर दी गई है।
  • निर्माण कम्पनी की रेटिंग कम की जा रही है, जिसके बाद उसे भविष्य में NHAI के नए ठेके या प्रोजेक्ट नहीं मिल पाएंगे।
  • निर्माण कम्पनी को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह प्रभावित हिस्से का सुधार कार्य लगभग तीन करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से अपने स्वयं के व्यय पर करेगा।

3 अधिकारियों पर भी गिरी गाज

एनएचएआई ने परियोजना की निगरानी और पर्यवेक्षण में हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी काररवाई प्रारंभ की है। इसके तहत निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया गया है। उनपर दो वर्ष की अवधि के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की किसी भी परियोजना में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी गई है।

इसके अलावा वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है। साथ ही पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया, जिनके कार्यकाल के दौरान परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य संपन्न हुआ, और वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा के विरुद्ध अपने दायित्वों के निर्वहन में कथित लापरवाही के संबंध में आरोप-पत्र जारी किया जा रहा है।

एनएचएआई ने परियोजना के स्वतंत्र अभियंता थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित किए जाने का प्रस्ताव करते हुए नोटिस जारी की जा रही है।

टोल राजस्व की हानि की वसूली रियायतग्राही से की जाएगी

इस बीच आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी के नेतृत्व में पेवमेंट विशेषज्ञों की एक टीम को विस्तृत तकनीकी जांच करने के लिए नियुक्त किया गया है। विशेषज्ञ समिति घटना के मूल कारणों का परीक्षण करेगी और उपयुक्त सुधारात्मक उपायों की अनुशंसा करेगी। उन्होंने बताया कि सुधार कार्य पूरा होने तक टोल नहीं वसूला जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से कोई टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा। टोल राजस्व की हानि की वसूली रियायतग्राही से की जाएगी।

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