नई दिल्ली, 12 सितम्बर। राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में शनिवार से प्रारंभ 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के पहले दिन सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाने और इससे निबटने में दोहरे मापदंडों को खारिज करने की भारत की अपील का पूर्ण समर्थन किया। ब्रिक्स के शीर्ष नेताओं ने आतंकवाद की चुनौती से निबटने के लिए समन्वित दृष्टिकोण अपनाने पर सहमति जताई और समूह के घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की।
पहलगाम आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा
ब्रिक्स के घोषणापत्र में पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। समूह ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
सीमा पार घुसपैठ और आतंकवाद के वित्तपोषण पर चिंता
घोषणापत्र में आतंकवादियों की सीमा पार घुसपैठ, आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराने सहित आतंकवाद से जुड़े सभी पहलुओं से निबटने की प्रतिबद्धता जताई गई। ब्रिक्स ने आतंकवादी गतिविधियों की रोकथाम और उनसे मुकाबले के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।
आतंकवाद को किसी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ने पर जोर
ब्रिक्स ने कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। संगठन ने आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों और उनके समर्थकों को जवाबदेह ठहराने तथा संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप उन्हें न्याय के कठघरे में लाने की जरूरत पर जोर दिया।
ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणा को सर्वसम्मति से दी मंजूरी, पीएम मोदी ने जारी किए 2 डाक टिकट
दोहरे मापदंडों को खारिज करने का आह्वान
घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाने और आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंडों को खारिज करने का आह्वान किया गया। यह रुख आतंकवाद के खिलाफ भारत की लगातार उठाई जा रही मांग के अनुरूप है।
आतंकवाद से निबटना देशों की प्राथमिक जिम्मेदारी
ब्रिक्स ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद से निबटना देशों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही, आतंकवादी खतरों की रोकथाम और उनसे मुकाबले के वैश्विक प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी दायित्वों का पूरी तरह पालन किए जाने की जरूरत बताई।


