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विकसित भारत के निर्माण में हर श्रमिक का पसीना शामिल, आप कर्मचारी नहीं ‘राष्ट्र निर्माता’ हैं: गौतम अदाणी

विकसित भारत के निर्माण में हर श्रमिक का पसीना शामिल, आप कर्मचारी नहीं ‘राष्ट्र निर्माता’ हैं: गौतम अदाणी

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अहमदाबाद, 1 मई 2026 : अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने विश्व श्रमिक दिवस (1 मई, 2026) के अवसर पर समूह के 4 लाख से अधिक कर्मचारियों और सहयोगियों को संबोधित करते हुए एक नए भविष्य का रोडमैप पेश किया। “अपनी बात, अपनों के साथ” संवाद श्रृंखला की शुरुआत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अदाणी समूह का हर प्रोजेक्ट महज एक व्यवसाय नहीं, बल्कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के राष्ट्रीय संकल्प का हिस्सा है।

व्यक्तिगत और राष्ट्रभक्ति का संगम

भाषण की शुरुआत में श्री अदाणी ने एक भावुक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन (1 मई, 1986) उनका विवाह प्रीति अदाणी के साथ हुआ था। अपनी शादी की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर उन्होंने सुबह केदारनाथ धाम में महादेव के दर्शन किए और देश की प्रगति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा, “ईश्वर ने मुझे इस महान देश में जन्म दिया और आप सबका विश्वास मिला, इसके लिए मैं आभारी हूँ।”

गिलहरी का उदाहरण: राष्ट्र निर्माण में हर योगदान अहम

श्री अदाणी ने रामायण के उस प्रसंग का जिक्र किया जिसमें एक छोटी गिलहरी राम सेतु बनाने में अपना योगदान दे रही थी। उन्होंने कर्मचारियों से कहा, “महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आपका योगदान कितना बड़ा है, महत्वपूर्ण यह है कि जब इतिहास लिखा जाएगा, तो यह न कहा जाए कि आपने अपना योगदान नहीं दिया।” उन्होंने मुंद्रा पोर्ट, विझिंजम पोर्ट और खावड़ा ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे खाली जमीनें आज देश की ताकत बन चुकी हैं।

संगठन में तीन बड़े बदलाव: ‘त्रिवेणी संगम’ मॉडल

संगठन की कार्यक्षमता और गति बढ़ाने के लिए श्री अदाणी ने तीन स्तंभों (Three Pillars) की घोषणा की:

3-Layer मॉडल: संगठन को और अधिक ‘फ्लैट’ बनाया जाएगा ताकि निर्णय लेने में देरी न हो। जो फैसले 3 दिन लेते थे, वे अब 3 घंटे में होंगे।

Partnership मॉडल: ठेकेदारों और वेंडर्स को केवल ‘कांट्रेक्टर’ नहीं बल्कि ‘पार्टनर’ माना जाएगा। उन्होंने वांढ गांव के हाधुभाई रबारी की कहानी सुनाई, जिन्होंने एक टैंकर से शुरुआत कर आज एक बड़ा व्यवसाय खड़ा किया है।

Learning & Development: ‘अदाणी ट्रेनिंग एकेडमी’ के जरिए हर श्रमिक को कुशल बनाया जाएगा। उन्होंने हजीरा पोर्ट के श्रमिक ‘सुब्बू’ का उदाहरण दिया, जो अपनी मेहनत से आज कॉर्पोरेट ऑफिस में इनोवेशन मैनेजर हैं।

भविष्य का विजन: पंचतत्व और स्वदेशी टैलेंट

श्री अदाणी ने संस्था के लिए ‘पंचतत्व’ के सिद्धांत रखे, जिसमें स्थानीय लोगों को प्राथमिकता, निरंतर ट्रेनिंग, करियर में स्पष्ट प्रगति, उचित वेतन और गरिमापूर्ण जीवन शामिल है। उन्होंने एक बड़ा लक्ष्य रखते हुए कहा, “मैं चाहता हूँ कि जल्द ही अदाणी समूह में बाहर से सीधी भर्तियां (Lateral Hiring) बंद हो जाएं और हम केवल अपने ‘होम ग्रोन टैलेंट’ (संस्था के भीतर तैयार हुए लोग) पर भरोसा करें।”

श्रमिकों के लिए हाई-टेक सुविधाएं

कर्मियों के कल्याण के लिए समूह मुंद्रा और खावड़ा में 50,000 सहयोगियों के लिए एयर-कंडीशंड आवास तैयार कर रहा है। साथ ही मुंद्रा में एक विशाल क्लाउड किचन बनाया जा रहा है, जहाँ प्रतिदिन 1 लाख लोगों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार होगा।

“आप राष्ट्र निर्माता हैं”

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि मुंद्रा से शुरू हुआ 20 लोगों का कारवां आज 4 लाख तक पहुँच गया है। उन्होंने कहा, “जब उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल और गुजरात के लोग एक साइट पर मिलते हैं, तो उनकी पहचान सिर्फ एक होती है—भारतीय। आप सिर्फ कर्मचारी नहीं, आप राष्ट्र निर्माता हैं।”

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