होर्मुज में तनाव बढ़ा : ईरान ने तीन मालवाहक जहाजों पर हमले के बाद दो को जब्त किया
नई दिल्ली, 22 अप्रैल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से युद्धविराम की समय सीमा बढ़ाने के बाद से बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट में तीन कार्गो जहाजो पर हमले हुए हैं और ईरान ने दो को सीज कर लिया है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर (यूकेएमटीओ) के अनुसार, पहले जहाज पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने फायरिंग की थी।
ईरानी मीडिया के अनुसार आईआरजीसी ने होर्मुज स्ट्रेट में निशाना बनाए गए तीनों जहाजो को टार्गेट किया। आईआरजीसी से जुड़ी फार्स न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि ‘यूफोरिया’ जहाज को निशाना बनाया गया और अब वह ईरान के तट के पास है।
आईआरजीसी की नेवी ने कहा – जरूरी परमिट के बिना संचालन कर रहे थे
आईआरजीसी की नेवी का कहना है कि एमएससी फ्रांसेस्का और एपामिनोंडास कार्गो जहाजों को कब्जे में लिया गया और उन्हें ईरान के तट की ओर मोड़ा गया। नेवी का कहना है कि जहाज ये जरूरी परमिट के बिना संचालन कर रहे थे और नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ कर रहे थे।
ट्रंप ने मंगलवार को सीजफायर बढ़ाने की घोषणा की थी
इसके पहले मंगलवार की रात ट्रंप ने कहा था कि वह सीजफायर अनिश्चित समय के लिए बढ़ा रहे हैं। साथ ही अमेरिका की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी जारी रखी जा रही है, जिसका मकसद पाकिस्तान में अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत से पहले ईरान पर दबाव बनाना है।
बातचीत की स्थिति अब तक साफ नहीं
लेकिन बातचीत की स्थिति अब तक साफ नहीं है। अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस मंगलवार को तय कार्यक्रम के अनुसार, पाकिस्तान के लिए रवाना नहीं हुए जबकि ईरान ने ट्रंप के बयान पर अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सीजफायर बढ़ाने का कोई मतलब नहीं – ईरान
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बगर गालिबाफ के सलाहकार ने कहा कि सीजफायर बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है और इसे अचानक हमले के लिए समय तलाशने की चाल बताया। महदी मोहम्मदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘हारने वाला पक्ष शर्तें नहीं तय कर सकता। घेराबंदी जारी रखना बमबारी से अलग नहीं है और इसका जवाब सैन्य काररवाई से देना होगा। ट्रंप ने युद्धविराम इसलिए बढ़ाया है ताकि अचानक से हमला करने की तैयारी कर सकें। अब समय आ गया है कि ईरान इसकी पहल करे।’
