बिहार : तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को दी तंजभरी बधाई, नीतीश कुमार को गद्दी से उतारने की प्रतिज्ञा याद दिलाई
पटना, 15 अप्रैल। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने बिहार में नेतृत्व परिवर्तन और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बुधवार को एक औपचारिक बयान में उन्हें तंजभरी बधाई दी, जिसमें राज्य की बदहाली को लेकर तीखे सवालों की भरमार रही। तेजस्वी ने इस क्रम में सम्राट चौधरी को उनके द्वारा ली गई उस पुरानी प्रतिज्ञा की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार को गद्दी से उतारने की बात कही थी।
‘प्रतिज्ञा पूर्ण करने पर बधाई’
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कटाक्ष करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी जी को अंततः नीतीश कुमार को गद्दी से उतारने की अपनी प्रतिज्ञा पूर्ण करने पर बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने सम्राट चौधरी को जनता द्वारा नहीं, बल्कि परिस्थितियों द्वारा ‘चयनित’ मुख्यमंत्री बताते हुए उनके नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। तेजस्वी का यह बयान उस समय आया है, जब बिहार में भाजपा पहली बार अपने किसी नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाने में सफल रही है।
श्री सम्राट चौधरी जी द्वारा आज 𝐄𝐥𝐞𝐜𝐭𝐞𝐝 मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को गद्दी से उतारने की अपनी प्रतिज्ञा पूर्ण करने पर बधाई तथा 𝐒𝐞𝐥𝐞𝐜𝐭𝐞𝐝 मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक शुभकामनाएं।
आशा है कि नए माननीय मुख्यमंत्री जी इस कड़वे, अप्रिय एवं कठोर तथ्य से पूर्ण रूप से…
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) April 15, 2026
जमीनी हकीकत को लेकर नई सरकार को दिखाया आईना
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी ने सम्राट को बधाई देने के साथ ही बिहार की जमीनी हकीकत का हवाला देते हुए नई सरकार को आईना दिखाया। उन्होंने कहा, ‘आशा है कि नए माननीय मुख्यमंत्री जी इस कड़वे, अप्रिय एवं कठोर तथ्य से पूर्ण रूप से अवगत होंगे कि 21 वर्षों के एनडीए शासन के बावजूद बिहार विकास के लगभग सभी मानकों पर देश के अन्य राज्यों से काफी पीछे है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि नीति आयोग के मानकों और सतत विकास के सूचकांकों (SDG) में बिहार आज भी राष्ट्रीय औसत से बहुत नीचे है।
बिहार की बदहाली पर उठाए गंभीर सवाल
तेजस्वी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था और ध्वस्त हो चुकी विधि-व्यवस्था आज बिहार की पहचान बन गई है। उन्होंने नए मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आखिर कब बिहार में आय और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे? नौकरी और रोजगार के लिए युवाओं का पलायन कब रुकेगा? और गरीबी और पलायन जैसे अभिशाप से राज्य को कब मुक्ति मिलेगी? उन्होंने उम्मीद जताई कि नए मुख्यमंत्री केवल उत्सव मनाने के बजाय इन गंभीर समस्याओं के समाधान पर ध्यान देंगे।
