सुपौल, 26 अगस्त। बिहार के सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कटैया चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई किनारे बजरंगबली मंदिर के समीप झूलन पूजा के दौरान कीर्तन कर रहे लोगों को एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने रौंद दिया। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक, कटैया चौक के पास कुछ लोग झूलन पूजा के अवसर पर सड़क किनारे बैठकर कीर्तन कर रहे थे। इसी दौरान पिपरा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा चार पहिया वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और कीर्तन कर रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
- 50 मीटर तक लोगों को रौंदता चला गया वाहन
स्थानीय लोगों के अनुसार, लोगों को टक्कर मारने के बाद वाहन करीब 50 मीटर तक आगे गया और सड़क किनारे स्थित एक दुकान में जा घुसा। इस भीषण हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान तिलाई दास (65), राजू दास (50), सुरेंद्र यादव (45), भुवनेश्वरी यादव उर्फ कोयली यादव और कृष्ण मोहन साह के रूप में हुई है। वहीं रामचंद्र यादव गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सभी मृतक कटैया पंचायत के रहने वाले बताए गए हैं।
- हादसे के बाद परिवारों में मचा कोहराम
दुर्घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा घायल रामचंद्र यादव को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलने पर पिपरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी वास्तविक जानकारी जुटाई जा रही है। मंगलवार देर रात जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पांच लोगों की मौत के बाद इलाके में ग्रामीणों में आक्रोश है।
- अतिक्रमण हटाने की ग्रामीणों ने की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अतिक्रमण और अस्थायी दुकानें होने की वजह से सड़क पर आवागमन प्रभावित होता है। इससे हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे मौजूद सभी अस्थायी दुकानों और अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाकर भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सकता है।


