यूपी के कई जिलों में आंधी-बारिश का कहर, 52 लोगों की मौत
लखनऊ, 13 मई। वायुमंडल के निचले क्षोभमंडल में पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिस्थिति बनने के साथ ही दक्षिण राजस्थान से आ रही पुरवा की मदद मिलने का नतीजा यह हुआ कि बुधवार की दोपहर बाद राज्य में कुदरत का कहर टूट पड़ा और अलग-अलग हिस्सों में आई भीषण आंधी व बारिश के कारण विभिन्न हादसों में अंतिम समाचार मिलने तक कुल 52 लोगों की मौत हो चुकी थी।
लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली आंधी का यह आलम था कि राज्यभर के कई हिस्सों में सैकड़ों पेड़, बिजली के खंभे और साइन बोर्ड उखड़ गए, जिससे यातायात और बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
पूर्वांचल और प्रयागराज मंडल में सबसे ज्यादा तबाही
पूर्वांचल और प्रयागराज मंडल में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली। भदोही में 10 और मिर्जापुर में एक वृद्ध समेत कुल 11 लोगों की जान चली गई। भदोही के औराई में मंदिर की दीवार गिरने से पूजा करने गई दो महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, प्रयागराज में शाम को आई आंधी ने 10 लोगों की जान ले ली, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के 7 और प्रतापगढ़ के 3 लोग शामिल हैं। सिद्धार्थनगर में भी टिनशेड गिरने की घटना के बाद एक बच्चे की मौत हो गई।

मध्य यूपी और रुहेलखंड में हादसों का सिलसिला
मध्य यूपी के जिलों में आंधी-तूफान ने 15 लोगों की बलि ले ली। इसमें अकेले फतेहपुर में सर्वाधिक आठ मौतें हुईं। इसके अलावा उन्नाव में तीन, हरदोई में दो और झांसी व कानपुर देहात में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। रुहेलखंड के बरेली मंडल में पूर्वाह्न 11 बजे आई आंधी ने बदायूं में छह और बरेली में चार लोगों सहित कुल 10 लोगों की जान ले ली।
अवध और मुरादाबाद मंडल का हाल
अवध क्षेत्र में भी आंधी का कहर बरपा, जहां सीतापुर में पेड़ गिरने से दो और रायबरेली में करंट लगने से एक किशोरी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। रायबरेली के डलमऊ में रेलवे फाटक टूट गया और लालगंज में कार पर पेड़ गिर गया। मुरादाबाद मंडल के संभल में दीवार और पोल गिरने से महिला समेत दो लोगों की मौत हुई, जबकि अमरोहा में आठ लोग घायल हुए हैं। मंडल में 250 से अधिक बिजली के पोल गिरने से ग्रामीण इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति है।
यातायात और बिजली व्यवस्था चरमराई
तेज हवाओं के कारण वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर साइन बोर्ड गिरने से रूट डायवर्ट करना पड़ा। गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, वायुमंडल में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और पीड़ितों को तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
अब थमेगा सिलसिला, गर्मी बढ़ेगी
इस बीच मौसम विभाग के अनुसार वर्षा के बावजूद प्रदेश के अनेक भागों में तापमान में दर्ज बढ़ोतरी हुई है। नतीजतन आज बुंदेलखण्ड के बांदा में तापमान 45.4 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने और प्रदेश के दक्षिणी जिलों में लू की स्थिति होने का पूर्वानुमान है।
