तमिलनाडु में AIADMK का एक्शन : विजय को समर्थन देने वाले विधायकों को पार्टी पदों से हटाया
चेन्नई, 13 मई। तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री थलपति विजय की अगुआई वाली TVK सरकार को वोट देने वाले बागी विधायकों के खिलाफ AIADMK एक्शन मोड में आ गई है। इस क्रम में सीवी षणमुगम, एसपी वेलुमणि और विजयभास्कर समेत अन्य विधायकों को पार्टी पदों से हटा दिया गया है।
AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने शाम को बताया कि वेलुमणी, षणमुगम और विजयभास्कर समेत कई नेताओं को उनके पार्टी पदों से हटा दिया गया। पार्टी प्रमुख ने नाथम आर विश्वनाथम समेत उन बागी विधायकों पर सख्त काररवाई की, जिन्होंने पार्टी के आदेश की अवहेलना करते हुए दिन में विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में वोट दिया था। पलानीस्वामी ने इन विधायकों के पार्टी पदों में बदलाव किया और उनकी जगह नए जिला सचिव नियुक्त किए।
कुल 29 AIADMK नेताओं को, जिनमें 13 मौजूदा विधायक भी शामिल हैं, पार्टी के अलग-अलग पदों से हटा दिया गया है। आर. कामराज, थंगामणि, के.पी. अनबझगन, बेंजामिन, उदुमलाई राधाकृष्णन, एसाकी सुब्बैया, एम.सी. संपत, के.सी. वीरमणि और एम.आर. विजयभास्कर भी पद से हटाए जाने वालों की सूची में शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि षणमुगम और एक अन्य वरिष्ठ नेता एस पी वेलुमणि के समर्थन में एकजुट हुए 25 अन्नाद्रमुक विधायकों की क्रॉस-वोटिंग से 234 सदस्यीय सदन में टीवीके सरकार के बहुमत में सुधार हुआ और उसे 144 विधायकों का समर्थन मिल गया। डीएमके ने सदन से वॉकआउट किया, जबकि पीएमके ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया और एकमात्र भाजपा विधायक तटस्थ रहे। पलानीस्वामी के प्रति निष्ठा रखने वाले 21 अन्य अन्नाद्रमुक विधायकों ने सरकार के खिलाफ मतदान किया।
टीवीके और हमारा वैचारिक एजेंडा समान – बागी नेता षणमुगम
इस बीच बागी नेता सीवी षणमुगम ने दावा किया कि तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) और अन्नाद्रमुक का वैचारिक एजेंडा समान है। दोनों द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) को एक बुरी ताकत के रूप में देखते हैं और इसी कारण विपक्षी दल के विधायकों के एक वर्ग ने सदन में बहुमत परीक्षण में सरकार का समर्थन किया।
तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत परीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान षणमुगम ने अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी के इस दावे को खारिज कर दिया कि सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार का समर्थन करने के बदले उन्हें मंत्री पद मिलेंगे।
