1. Home
  2. धर्म-संस्कृति
  3. पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगदड़ जैसे हालात : दो श्रद्धालुओं की मौत, 150 से ज्यादा घायल अस्पताल में भर्ती
पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगदड़ जैसे हालात : दो श्रद्धालुओं की मौत, 150 से ज्यादा घायल अस्पताल में भर्ती

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगदड़ जैसे हालात : दो श्रद्धालुओं की मौत, 150 से ज्यादा घायल अस्पताल में भर्ती

0
Social Share

पुरी, 16 जुलाई। विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के पहले दिन गुरुवार को पुरी के ग्रैंड रोड (बड़ा डांडा) पर भक्तों की भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। अत्यधिक भीड़ के कारण बेहोश होने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं 150 से ज्यादा लोग घायल हैं, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बेहोश श्रद्धालु को इलाज के लिए पुरी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत का सही कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने कहा कि मरने वाले की पहचान भी अब तक नहीं हो पाई है। आगे की जांच चल रही है। भगदड़ के दौरान ही एक और शख्स की मौत की खबर है। हालांकि, अधिकारियों ने अब तक दूसरी मौत की पुष्टि नहीं की है।

इस बीच ओडिशा पुलिस ने एक्स पोस्ट में कहा कि ओडिशा अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं की स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU) ने आज सुबह से भारी भीड़ से 33 भक्तों को सुरक्षित बचाया है। बचाए गए भक्तों को तुरंत प्राथिमिक उपचार और ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया, जिसके बाद उन्हें आगे की उपचार के लिए पास के अस्पताल में ले जाया गया। वहीं गुरुवार शाम तक, रथ यात्रा के दौरान सेहत से जुड़ी अलग-अलग शिकायतों के चलते करीब 150 लोगों को पुरी जिला जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दर्शन और रथ खींचने का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण मची भगदड़

बताया जा रहा है कि श्रद्धालु बड़ा डांडा पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के दर्शन और रथ खींचने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर लगभग दो बजे भारी भीड़ के कारण अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई श्रद्धालु गिर पड़े और अफरातफरी मच गई।

घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो में दिख रहा है कि बढ़ी हुई भीड़ के कारण स्थिति कंट्रोल से बाहर हो गई है और बड़ा डांडा की ओर भीड़ का दबाव बढ़ गया है। वहीं एक वीडियो में चप्पलें आदि भी बिखरी दिख रही हैं।

घटना के तुरंत बाद पुलिस, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को एंबुलेंस के जरिए पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया गया।

प्रशासन ने स्थिति पर जल्द काबू पाने का दावा किया है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक घायलों की आधिकारिक संख्या और घटना के कारणों को लेकर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

‘पहंडी’ की रस्म के साथ शुरू हुई 9 दिवसीय वार्षिक रथयात्रा

इसके पूर्व ओडिशा के पुरी में नौ दिनों तक चलने वाली वार्षिक रथ यात्रा की शुरुआत लागातार बारिश और लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में ‘पहंडी’ की रस्म के साथ हुई। ‘पहंडी’ की रस्म में महाप्रभु भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और उनकी बहन देवी सुभद्रा के विग्रहों को 12वीं सदी के पुरी मंदिर से रथों तक ले जाया जाता है। घंटियों, शंख और झांझ की ध्वनि के बीच, चक्रराज सुदर्शन को सबसे पहले मुख्य मंदिर से बाहर लाया गया और देवी सुभद्रा के ‘दर्पदलन’ रथ पर विराजमान किया गया।

पंडित सूर्यनारायण रथशर्मा ने बताया कि श्री सुदर्शन भगवान विष्णु का अस्त्र है, जिनकी पूजा पुरी में भगवान जगन्नाथ के रूप में की जाती है। उन्होंने बताया कि भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई भगवान बलभद्र के विग्रह को भी उनके ‘तालध्वज’ रथ पर स्थापित किया गया. सेवादारों द्वारा शून्य पहंडी (रथ तक ले जाते समय देवी सुभद्रा के विग्रह का मुख आकाश की ओर होता है) शैली में भगवान जगन्नाथ और भगवान बलभद्र की बहन देवी सुभद्रा के विग्रह को उनके रथ तक ले लाया गया।

अंत में महाप्रभु भगवान जगन्नाथ के विग्रह को मंदिर से बाहर लाया गया तो ‘बड़ा डंडा’ (रथमार्ग) पर भक्तों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। उन्होंने अपने हाथ उठाकर और ‘जय जगन्नाथ’ का जयघोष कर महाप्रभु के रथ पर विराजमान होने का जश्न मनाया। ओडिशी नर्तकों, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक दलों ने ‘कालिया ठाकुर’ के सामने प्रस्तुति दी।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code