नई दिल्ली, 15 सितम्बर। देश में हॉकी को संचालित करने वाले शीर्ष निकाय यानी हॉकी इंडिया (HI) में जारी घमासान के बीच खेल मंत्रालय ने सलाह दी है कि महासंघ को अपने मसले व विवाद आपस में मिलकर सुलझाने होंगे और यदि ऐसा नहीं हो पाता, तभी मंत्रालय इसमें दखल देगा।
HI अध्यक्ष व महासचिव में जर्सी विवाद को लेकर तनातनी
गौरतलब है कि बेल्जियम व नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में बीते दिनों संपन्न FIH हॉकी विश्व कप से ठीक पहले भारतीय टीमों की जर्सी का रंग पारंपरिक नीले से बदलकर नारंगी करने से मचे विवाद के बाद से हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की और महासचिव भोलानाथ सिंह में ठनी हुई है।
अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने महानिदेशक श्रीवास्तव को जारी की है कारण बताओ नोटिस
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान टिर्की का कहना है कि राष्ट्रीय टीम की जर्सी का रंग बदलने का फैसला उनसे पूछे बिना और कार्यकारी बोर्ड की सहमति के बगैर लिया गया। जर्सी विवाद इतना बढ़ा कि टिर्की ने हाल ही में हॉकी इंडिया के महानिदेशक कमांडर आर. के श्रीवास्तव के सारे अधिकार छीनकर उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दी।
महासचिव भोलानाथ ने 18 सितम्बर को बुलाई कार्यकारी बोर्ड की आपात बैठक
वहीं कमांडर के करीबी माने जाने वाले महासचिव भोलानाथ सिंह ने मौजूदा हालात की समीक्षा के लिए 18 सितम्बर को कार्यकारी बोर्ड की आपात बैठक बुलाई है, जिस पर टिर्की ने कहा कि उन्होंने ऐसी किसी बैठक की अनुमति नहीं दी है और श्रीवास्तव का संतोषजनक जवाब मिलने तक ऐसी कोई बैठक नहीं होगी।
टिर्की बोले- ऐसी किसी बैठक की कोई अनुमति नहीं दी
इस बीच मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, ‘हॉकी इंडिया का मसला ऐसा नहीं है, जो आपसी बातचीत से सुलझ नहीं सके। हम चाहते हैं कि वे आपस में इसे सुलझाएं, लेकिन यदि ऐसा नहीं हो पाता तो फिर हम देखेंगे कि क्या करना है।’
गौरतलब है कि खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने हॉकी विश्व कप के बाद भारतीय टीमों के कप्तानों, कोचों और हॉकी इंडिया पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। इसके अलावा सोमवार को उन्होंने हॉकी इंडिया लीग के फ्रेंचाइजी मालिकों और महासंघ के पदाधिकारियों के साथ भी लीग को बचाने की कवायद में बैठक की।


