रूसी तेल खरीद में राहत का रूस ने क‍िया स्‍वागत, अमेरिकी फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम

मॉस्को/वॉशिंगटन, 17 अक्टूबर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी तेल खरीद को लेकर ‘ग्राहम एक्ट’ लागू पर छूट के ऐलान का रूस ने स्‍वागत क‍िया है। रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव ने कहा है कि दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम से जुड़े कानून पर रोक लगाया जाना एक ऐतिहासिक पल है।

समाचार एजेंसी ‘टास’ की र‍िपोर्ट के अनुसार, दिमित्रिएव ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘टेलीग्राम’ पर लिखा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से ‘ग्राहम एक्ट’ को निलंबित किया जाना एक महत्वपूर्ण और वास्तव में ऐतिहासिक कदम है। प्रतिबंधों और टकराव की जगह अब संवाद, दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद सहयोग और वैश्विक स्थिरता के लिए साझा जिम्मेदारी की बात हो रही है।”

रूस और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग दोनों देशों के हित में

दिमित्रिएव ने कहा कि अगर ‘ग्राहम एक्ट’ पूरी तरह लागू होता तो रूस और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग लगभग पूरी तरह रुक सकता था। उनका कहना है कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक बाजारों को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता था। दिमित्रिएव ने कहा, ‘रूस और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग दोनों देशों के हित में है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलती है और भरोसा बनाने के साथ-साथ लंबे समय तक शांति स्थापित करने की नींव पड़ती है।’

उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने हाल ही में एक कार्यकारी आदेश जारी कर कहा था कि वह रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को और कड़ा करने वाले कानून के तहत प्रस्तावित कुछ नए प्रतिबंध लागू नहीं करेंगे। गत 18 सितम्बर को ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस की ओर से पारित एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून में रूस के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व, सरकारी कम्पनियों तथा रूस के व्यापारिक साझेदारों पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाने का प्रावधान था।

कानून के मुताबिक, हस्ताक्षर किए जाने के भीतर यानी 18 अक्टूबर तक, अमेरिकी प्रशासन को यह तय करना था कि किन कम्पनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। दूसरी ओर, प्रशासन के पास यह विकल्प भी था कि वह यह निष्कर्ष निकाले कि ऐसे नए प्रतिबंध अमेरिका के हित में नहीं हैं और इसकी सूचना कांग्रेस को दे।

राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया आदेश को रूस में इस रूप में देखा जा रहा है कि अमेरिका ने फिलहाल कानून के कुछ कड़े प्रावधानों को लागू करने से पीछे हटने का फैसला किया है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संपर्क और बातचीत की संभावनाएं बनी रह सकती हैं।

ट्रंप बोले- ‘G20 बैठक में शाम‍िल होना चाहता है रूस, पुतिन आत हैं तो स्वागत करूंगा’

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस ने इस वर्ष अमेरिका की मेजबानी में होने वाली G20 बैठकों में शाम‍िल होने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा।

ह्वाइट हाउस से रवाना होने से पहले पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या पुतिन G20 बैठक में शामिल होने वाले हैं। इस पर ट्रंप ने कहा, ‘नहीं, उन्होंने सिर्फ शाम‍िल होने इच्‍छा जताई है। मुझे नहीं पता कि पुतिन खुद आएंगे या नहीं। लेकिन यदि वह आते हैं तो मैं जरूर उनका स्वागत करूंगा।’

दरअसल, ईंधन की कीमतों से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने खुद G20 का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि G20 बैठकों में रूस के प्रतिनिधि पहले भी शामिल होते रहे हैं। अमेरिका 2026 में G20 की अध्यक्षता कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 30 और 31 अक्टूबर को जॉर्जिया के अटलांटा में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेंगे।

इसके बाद 14 और 15 दिसम्बर को ट्रंप फ्लोरिडा के मियामी स्थित ट्रंप नेशनल डोरल में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। रूस और भारत दोनों G20 के सदस्य हैं। इससे पहले भारत ने सितम्बर 2023 में नई दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी।

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