पीएम मोदी आज साणंद में करेंगे सीजी सेमी प्लांट का उद्घाटन, शुरू होगा चिप का व्यावसायिक उत्पादन
नई दिल्ली, 3 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात के साणंद में सीजी सेमी की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा का शुभारंभ करेंगे। यह कम्पनी देश और दुनिया के ग्राहकों को व्यावसायिक स्तर पर सेमीकंडक्टर चिप्स की आपूर्ति शुरू करेगी। भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत इस प्रोजेक्ट को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फरवरी, 2024 में मंजूरी दी थी।
7600 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई ओएसएटी सुविधा
सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की सहायक कम्पनी सीजी सेमी प्राइवेट लिमिटेड ने 7600 करोड़ रुपये के निवेश से साणंद में यह ओएसएटी सुविधा स्थापित की है। इस परियोजना में जापान की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स और थाइलैंड की स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स की भी भागीदारी है। इस परियोजना से साणंद के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र का विकास इस दशक का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी टर्निंग प्वॉइंट साबित होगा।
रोजाना 1.5 करोड़ चिप्स बनाने की होगी क्षमता
माइक्रोन और केन्स सेमीकॉन के बाद सीजी सेमी की ओएसएटी सुवि .धा शुरू होने से स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। ओएसएटी प्लांट में सेमीकंडक्टर चिप्स कीअसेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग का कार्य किया जाता है। कम्पनी का दूसरा प्लांट भी निर्माणाधीन है। दोनों सुविधाएं शुरू होने के बाद प्रतिदिन कुल 1.5 करोड़ चिप्स के उत्पादन की क्षमता विकसित होगी।
प्रधानमंत्री करेंगे प्लांट का निरीक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओएसएटी सुविधा में विभिन्न सेमीकंडक्टर निर्माण प्रक्रियाओं का निरीक्षण भी करेंगे। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया मौजूद रहेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
ऑटोमोबाइल से 5जी तक कई क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
इस सुविधा में क्यूएफएन (क्वाड फ्लैट नो-लीड), क्यूएफपी (क्वाड फ्लैट पैकेज), एफसी-बीजीए (फ्लिप चिप बॉल ग्रिड ऐरे) और एफसी-सीएसपी (फ्लिप चिप स्केल पैकेज) जैसी चिप्स का निर्माण किया जाएगा। इनका उपयोग ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक उपकरणों, 5जी डिवाइस और पावर एप्लीकेशन जैसे क्षेत्रों में होगा। कंपनी में वर्तमान में 300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। प्लांट के संचालन के बाद अगले पांच वर्षों में करीब 5000 प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
‘सिर्फ फैक्ट्री नहीं, पूरा इकोसिस्टम बनाना लक्ष्य’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत का लक्ष्य केवल एक फैक्ट्री स्थापित करना नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर का संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित करना है। उन्होंने कहा कि भारत अब डिजाइन इंजीनियरिंग से लेकर मशीन निर्माण और लॉजिस्टिक्स तक पूरी वैल्यू चेन पर काम कर रहा है। ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। उत्पादन बढ़ने के साथ देश में मटेरियल और कंपोनेंट्स की मांग भी बढ़ेगी, जिससे स्थानीय उद्योगों को बड़ा अवसर मिलेगा।
सेमीकंडक्टर मिशन में गुजरात सबसे आगे
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को आगे बढ़ाने में गुजरात अग्रणी भूमिका निभा रहा है। राज्य ने सबसे पहले समर्पित सेमीकंडक्टर नीति लागू की थी। वर्तमान में मिशन के तहत गुजरात में छह परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोन टेक्नोलॉजी, सीजी सेमी, केन्स सेमीकॉन, सुची सेमीकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स शामिल हैं। इन परियोजनाओं में कुल 14.7 बिलियन डॉलर का निवेश हो रहा है।
साणंद बन रहा भारत का चिप पैकेजिंग हब
फरवरी, 2026 में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की एटीएमपी सुविधा और मार्च 2026 में केन्स सेमीकॉन की ओएसएटी सुविधा शुरू होने के बाद अब सीजी सेमी का उत्पादन भी प्रारंभ होने जा रहा है। हाल ही में सुची सेमीकॉन और क्रिस्टल मैट्रिक्स को भी नई सेमीकंडक्टर इकाइयां स्थापित करने की मंजूरी मिली है। इससे गुजरात एक प्रमुख सेमीकंडक्टर हब के रूप में और मजबूत होगा। एक समय ऑटोमोबाइल हब के रूप में पहचान रखने वाला साणंद अब भारत के पहले चिप पैकेजिंग क्लस्टर और वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसकी तुलना ताइवान के सिंशु और दक्षिण कोरिया के ग्योंगी जैसे सेमीकंडक्टर केंद्रों से की जा रही है।
गुजरात ने तैयार किया उद्योग-अनुकूल इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात केवल निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि उत्पादन, डिजाइन, पैकेजिंग, सप्लाई चेन, कौशल विकास, अनुसंधान, लॉजिस्टिक्स और नवाचार का समग्र सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनकर उभरा है। राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियां, आधुनिक बुनियादी ढांचा, तेज मंजूरी प्रक्रिया और प्रभावी प्रशासन से सेमीकंडक्टर उद्योग को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। यही कारण है कि गुजरात वैश्विक निवेशकों के लिए भरोसेमंद विनिर्माण केंद्र बनता जा रहा है।
