PM मोदी ने शेयर किया संस्कृत सुभाषितम्, बोले- निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी
नई दिल्ली, 2 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए निरंतर प्रयास, धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि लक्ष्य वही व्यक्ति हासिल करता है, जो बिना रुके लगातार आगे बढ़ता रहता है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी है। जीवन में वही व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंचता है, जो धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता रहता है।” इसके साथ उन्होंने यह संस्कृत सुभाषितम् साझा किया—
“नानाश्रान्ताय श्रीरस्तीति रोहित शुश्रुम।
पापो नृषद्वरो जन इन्द्र इच्चरतः सखा चरैवेति॥”
क्या है इस संस्कृत सुभाषितम् का अर्थ?
इस सुभाषित का भावार्थ है कि जो व्यक्ति निरंतर परिश्रम और कर्म करता रहता है, वही समृद्धि और सफलता प्राप्त करता है। जो निष्क्रिय होकर बैठा रहता है, वह प्रगति से दूर रह जाता है। भाग्य भी उसी का साथ देता है जो लगातार प्रयास करता है। इसलिए जीवन में आगे बढ़ने के लिए कर्म करते रहना ही सफलता का मूल मंत्र है।
इससे पहले भी साझा किया था संस्कृत सुभाषितम्
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया अभियान के 11 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भी एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया था—
“विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवन्नरः।
सोऽध्वनः परमाप्नोति तद्विश्नोः परमं पदम्॥”
इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा था कि जिस व्यक्ति की बुद्धि विवेकपूर्ण हो, जिसका मन अनुशासित और नियंत्रित हो, वही जीवन की कठिन राहों को पार कर अपने सर्वोच्च लक्ष्य तक पहुंच सकता है।
डिजिटल इंडिया की सफलता पर भी जताया गर्व
डिजिटल इंडिया के 11 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि इस अभियान ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि यह देशवासियों की नवाचार, तकनीक और डिजिटल परिवर्तन को अपनाने की मजबूत संकल्पशक्ति का परिणाम है, जिसने भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
रोज साझा करते हैं संस्कृत सुभाषितम्
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नियमित रूप से सोशल मीडिया पर संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हैं। इन सुभाषितों के माध्यम से वे भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों, नैतिकता, कर्तव्य, ज्ञान और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रेरणादायक संदेश देते हैं।
