बनासकांठा (गुजरात), 30 अक्टूबर। गृह राज्य गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बनासकांठा में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कृषि, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं तथा विपक्ष पर भी निशाना साधा।

खेती में विज्ञान और तकनीक का समावेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘खेती हमारे देश की परंपरा भी है और संस्कृति भी है। पिछले 12 वर्षों में हमारी सरकार ने इसमें विज्ञान और तकनीक का व्यापक समावेश किया है। सॉइल हेल्थ कार्ड इसका बड़ा उदाहरण है। आज 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड किसानों के पास हैं, जिससे खेती के तौर-तरीकों में आधुनिकता आई है। उन्होंने बताया कि मौसम बदलाव की चुनौती से निपटने के लिए बीते वर्षों में करीब तीन हजार नई जलवायु-अनुकूल बीज किस्में किसानों को उपलब्ध कराई गई हैं।’

पशुपालन को वैज्ञानिक बनाने के प्रयास
पीएम मोदी ने कहा, ‘पशुपालन हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है और इसमें महिलाओं की बड़ी भागीदारी है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देशी नस्लों के वैज्ञानिक प्रजनन और संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बनासकांठा का रिसर्च सेंटर इस मिशन को और मजबूती देगा। आईवीएफ जैसी आधुनिक तकनीक भी इसमें मदद कर रही है। पशुओं के मुफ्त टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 150 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं। इससे आठ करोड़ से अधिक किसानों के पशुओं को मुफ्त टीके लगे है और इससे उनका खर्च का बोझ भी कम हुआ है।’
The future of dairying begins with the well-being of our animals!
The Bharat Bovine Breeding and Research Centre in Banaskantha is about:
Animal welfare.
Enhanced dairy productivity.
Ensuring greater prosperity for our farmers. https://t.co/daMeKiVWMG
— Narendra Modi (@narendramodi) October 30, 2026
दुग्ध उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि
वर्ष 2013-14 में एक गाय या भैंस से औसतन एक दिन में पांच लीटर से भी कम दूध मिलता था। आज यह औसत करीब आठ लीटर हो गया है। भारत में दुग्ध उत्पादकता दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है और देश नंबर वन है। इससे किसान परिवारों की कमाई बढ़ी है। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज दो बायो-सीएनजी प्लांट का भी शिलान्यास हुआ है। लक्ष्य साफ है – पशु स्वस्थ हों, दूध उत्पादन बढ़े और गोबर का पूरा उपयोग हो।

मछली पालन और मधु क्रांति
उन्होंने कहा कि मछली पालन क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है। भारत का सी-फूड निर्यात दो गुना से अधिक हो गया है। मछली पालन क्षेत्र में सहकारिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मधुमक्खी पालन से किसानों को अतिरिक्त आय मिल रही है। बीते 12 वर्षों में शहद का उत्पादन दोगुना हुआ है। भारत प्राकृतिक शहद का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है और इस ‘स्वीट क्रांति’ में महिलाओं की भूमिका बढ़ती जा रही है।
बनासकांठा का आलू और क्लस्टर प्रोग्राम
प्रधानमंत्री ने कहा कि बनासकांठा का आलू आज विश्व प्रसिद्ध है। फल-सब्जी किसानों के लिए क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत आज 12 क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं। ये टमाटर, हरी मिर्च, अंगूर, केला, प्याज, संतरा, अनार और कोको जैसी फसलों से जुड़े हैं। पूरे प्रोजेक्ट पर सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि गुजरात को दो नई रेल सेवाएं भी मिली हैं – अहमदाबाद-साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन।
विपक्ष पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश का हर किसान और नौजवान विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लग रहा। ये देश को मुश्किल में देखना चाहते हैं। इनका प्लान देश में अफरातफरी फैलाने का था ताकि ‘मोदी’ को बदनाम कर सकें। ईरान और खाड़ी देशों के आसपास तनाव के समय जब भारत एकजुट होकर इसका सामना कर रहा था, तब ये लोग अफवाहें फैला रहे थे। किसानों को खाद की कमी का डर दिखाया गया। लेकिन सरकार ने खाद की कमी नहीं होने दी।

उन्होंने बताया कि दुनिया में यूरिया की बोरी 3,000 रुपये में मिलती है, वही भारत के किसानों को 300 रुपये से कम में उपलब्ध है। डीएपी की कीमत दुनिया में 5,000 रुपये से ऊपर है, लेकिन भारत में सिर्फ 1,350 रुपये में मिल रही है।
भारत का तेज विकास पूरी दुनिया के लिए नई उम्मीद
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘अनिश्चितता से भरी दुनिया में भारत का तेज विकास पूरी दुनिया के लिए नई उम्मीद है। मैं दो ही बातें जानता था – जनसेवा से राष्ट्रसेवा और गुजरात के विकास से देश का विकास। मैं देश के लिए जो कुछ भी कर पाया, इसका यश सभी देशवासियों को है। इसके लिए मैं आपका जीवनभर ऋणी रहूंगा और अंतिम क्षण तक आपकी सेवा में जुटा रहूंगा।’ अंत में उन्होंने युवाओं से ‘रन फॉर यूनिटी’ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।


