Paris BAPS Temple: पीएम मोदी बोले- भारत-फ्रांस सांस्कृतिक संबंधों का ‘नया युग स्तंभ’ है स्वामीनारायण मंदिर

नई दिल्ली, 7 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस में भव्य बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के लोकार्पण को भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों का “नया युग स्तंभ” बताया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक मूल्यों, सहयोग और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना का प्रतीक है। वर्चुअली लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भले ही वह पेरिस में मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनका मन और हृदय इस ऐतिहासिक समारोह में उपस्थित है। उन्होंने पूज्य महंत स्वामी, संतों और बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था को मंदिर के लोकार्पण पर बधाई दी और प्रमुख स्वामी महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

प्रमुख स्वामी महाराज के संकल्प का किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि प्रमुख स्वामी महाराज ने भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के पुनर्जागरण का अभियान आगे बढ़ाया था, जिसकी रोशनी आज यूरोप सहित दुनिया के कई हिस्सों तक पहुंच रही है। उन्होंने अबू धाबी में 2024 में भव्य मंदिर के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि पेरिस में मंदिर का निर्माण उसी संकल्प और परंपरा की निरंतरता है।

‘मन और हृदय जोड़ने का संदेश देता है भारत’

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीएपीएस के माध्यम से दुनिया के विभिन्न देशों में बनने वाले मंदिर अपने साथ भारत की प्राचीन विचारधारा और मानवीय मूल्यों को भी लेकर जाते हैं। उन्होंने संस्कृत मंत्र ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का संदेश लोगों के मन और हृदय को जोड़ने का है। पीएम मोदी के मुताबिक, पेरिस का स्वामीनारायण मंदिर फ्रांस की विविधता को समृद्ध करने के साथ भारत-फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा देगा।

टेक्नोलॉजी, AI और रक्षा क्षेत्र में बढ़ रहा सहयोग

पीएम मोदी ने भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में नई गति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2026 को भारत और फ्रांस ‘इनोवेशन ईयर’ के रूप में मना रहे हैं और दोनों देशों की विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी मजबूत सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों पर आधारित है।

भारत-फ्रांस के पुराने सांस्कृतिक रिश्तों का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान के इतिहास और फ्रांसीसी विद्वानों द्वारा संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में दिए गए योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने रोमां रोलां की लेखनी, स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण परमहंस से जुड़े विचारों तथा पेरिस से पुडुचेरी तक ‘द मदर’ की आध्यात्मिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों ने भारत और फ्रांस के लोगों को करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीएम मोदी ने इस्कॉन के संस्थापक श्रील प्रभुपाद के फ्रांस आगमन और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एफिल टॉवर के सामने आयोजित योग कार्यक्रमों का भी जिक्र किया।

‘मेड इन इंडिया, बिल्ट इन फ्रांस’ का उदाहरण है मंदिर

प्रधानमंत्री ने पेरिस के बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर को ‘मेड इन इंडिया, बिल्ट इन फ्रांस’ का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि मंदिर में इस्तेमाल किए गए कई पत्थरों को भारत में तराशा गया और बाद में फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक के साथ उन्हें जोड़कर इस भव्य मंदिर का स्वरूप तैयार किया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मंदिर आने वाली सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग, मित्रता और नई संभावनाओं का प्रतीक बना रहेगा।

‘भक्ति के साथ सेवा का केंद्र बनेगा मंदिर’

पीएम मोदी ने कहा कि स्वामीनारायण मंदिर हमेशा भक्ति के साथ सेवा के केंद्र भी रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि पेरिस का यह मंदिर भी सेवा परियोजनाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि इस मंदिर से भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का संदेश पूरे यूरोप तक पहुंचेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में अवसर मिलने पर वह स्वयं पेरिस के इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास करेंगे।

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