नाना पाटेकर के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, कहा- ‘हिंदी और मराठी सिनेमा में उनका योगदान बहुत बड़ा’

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान बहुत बड़ा था। उनके निधन से एक बड़ी कमी महसूस हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नाना पाटेकर में वह जबरदस्त जोश, अनोखापन और ऐसी दमदार मौजूदगी थी, जो बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलती है। उन्होंने हर किरदार में कमाल की विविधता और रचनात्मकता दिखाई और हमें ऐसे पात्र दिए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा।”

पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर को उनकी बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए भी सराहा जाता था। वे अपनी बात कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे। उन्होंने कहा, “हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान बहुत बड़ा था। उनके जाने से एक बड़ी कमी महसूस हो रही है। उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत चाहने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “बहुत कम अभिनेताओं में उनके जैसी असाधारण विविधता और गहराई थी। वे अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसा सकते थे, वहीं ‘अंकुश’, ‘प्रहार’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में उन्होंने एक ऐसी गंभीरता दिखाई जिसने हर किरदार को यादगार बना दिया। उनकी आवाज, उनकी मौजूदगी और बिल्कुल अलग-अलग तरह के किरदारों में ढल जाने की उनकी क्षमता उन्हें सचमुच अद्वितीय बनाती थी।”

राजनाथ सिंह ने कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, वे अपने आप में एक संस्था थे। भारतीय सिनेमा में उनका उल्लेखनीय योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। उनकी आत्मा को शांति मिले।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। पांच दशकों तक उन्होंने अपने सहज अभिनय और सशक्त संवाद अदायगी से दर्शकों के मन पर अमिट छाप छोड़ी। गंभीर सामाजिक विषय हों या हास्य-व्यंग्य, उन्होंने जिस किरदार को निभाया, उसे जीवंत बना दिया।

शाह ने कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से सूखे से जूझ रहे किसान परिवारों की सेवा हो या सीमा पर जाकर जवानों का हौसला बढ़ाना, वे ख्याति के शिखर पर पहुंचकर भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहे। जब भी उनसे मिलना हुआ, उनकी सरलता व स्पष्टवादिता ने सदैव प्रभावित किया। ईश्वर शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “जाने-माने अभिनेता, थिएटर के दिग्गज कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर के निधन से गहरा दुख हुआ है। उनका जाना भारतीय सिनेमा, थिएटर और कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके शोकाकुल परिवार, मित्रों व अनगिनत प्रशंसकों को इस गहरे दुख को सहने की शक्ति और सांत्वना प्रदान करें।”

नितिन गडकरी ने कहा कि संवाद अदायगी के अपने खास अंदाज से नाना पाटेकर ने कई किरदारों को अमर बना दिया और अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनका निधन भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, “दिग्गज भारतीय अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर बेहद चौंकाने वाली और दुखद है। मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। नाना और मेरे बीच बहुत करीबी और दोस्ताना संबंध थे। अपनी दमदार अदाकारी के दम पर, नाना पाटेकर ने पांच दशकों से अधिक समय तक मराठी और हिंदी सिनेमा के जरिए दर्शकों के दिलों पर राज किया।” गडकरी ने कहा कि संवाद अदायगी के अपने खास अंदाज से उन्होंने कई किरदारों को अमर बना दिया और अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनका निधन भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति है।

नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से ग्रामीण महाराष्ट्र में जल संरक्षण और भंडारण के क्षेत्रों में उनका काम उल्लेखनीय और महत्वपूर्ण था। आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की उन्होंने जो मदद की, वह कई लोगों के लिए सहारा बनी। एक असाधारण कलाकार और अभिनेता होने के साथ-साथ, नाना समाज की जरूरतों के प्रति बेहद संवेदनशील व्यक्ति थे। गडकरी ने प्रार्थना की कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पोस्ट किया, “प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के जाने की खबर सुनकर मन भारी हो गया। उनकी आवाज, बोलने का अंदाज और चेहरे के भाव सीधे दिल तक पहुंचते थे। कभी ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों में गंभीरता से झकझोरते थे, तो ‘वेलकम’ के उदय शेट्टी बनकर खूब हंसाते-गुदगुदाते थे। एक ही कलाकार में इतनी गहराई और हास्य-विनोद था। उनकी फिल्में और किरदार लंबे समय तक हमारी यादों में रहेंगे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। विनम्र श्रद्धांजलि।”

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। पाटिल ने कहा कि हिंदी और मराठी सहित क्षेत्रीय सिनेमा में अपने सशक्त अभिनय और असाधारण प्रतिभा से उन्होंने भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया। उनके निभाए किरदार और उनका प्रभाव सदैव हमारी स्मृतियों में जीवंत रहेंगे। लेकिन नाना पाटेकर जी का योगदान केवल सिनेमा तक सीमित नहीं था। जल-संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन और ग्रामीण क्षेत्रों में जल-सुरक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों ने देशभर में अनेक लोगों को जल संरक्षण के लिए आगे आने की प्रेरणा दी।

सीआर पाटिल ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने कार्यों से यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन केवल शब्दों से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास और जनभागीदारी से आता है। नाना पाटेकर का जाना कला जगत के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में भी एक बड़ी क्षति है। उनकी कला, उनका संवेदनशील व्यक्तित्व और समाज के लिए उनका समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार, मित्रों तथा असंख्य प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति दें।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने लिखा, “प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के दिग्गज कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर का निधन भारतीय कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। अपने सशक्त और जीवंत अभिनय से उन्होंने भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी। सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और सेवाभाव भी सदैव प्रेरणादायी रहेगा। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों व उनके असंख्य प्रशंसकों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।”

केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि भारतीय सिनेमा के लिए यह एक बहुत बड़ा और दुखद नुकसान है। नाना पाटेकर असाधारण गहराई, ईमानदारी और विविधता वाले अभिनेता थे। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

राष्ट्रपति ने बताया भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन को भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति बताया और उनके परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की। बहुमुखी प्रतिभा और प्रभावशाली अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर का बृहस्पतिवार तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से बहुत दुखी हूं। अपने प्रभावशाली और भावपूर्ण अभिनय के जरिए उन्होंने मानवीय अनुभवों की विस्तृत श्रृंखला को जीवंत किया। उन्होंने ऐसे किरदार निभाए, जिनकी लोगों के दिल और दिमाग पर गहरी छाप पड़ी।” उन्होंने कहा कि समाज सेवा के प्रति पाटेकर की प्रतिबद्धता वंचित लोगों के लिए उनकी चिंता को दर्शाती थी। राष्ट्रपति ने कहा, ”उनका निधन भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति है। मैं उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं।

राहुल और प्रियंका गांधी ने भी जताया शोक

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री गांधी ने गुरूवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। अपने अभिनय और किरदारों के जरिए उन्होंने भारतीय सिनेमा और दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी है। श्री गांधी ने इस पीड़ा की घड़ी में उनके शोकाकुल परिजनों, मित्रों और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की और शोक-संतप्त परिजनों एवं प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर की दमदार अदाकारी और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जनता की स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेगी। उन्होंने दिग्गज अभिनेता को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया बेहद दुखद और हृदयविदारक

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया। पाटेकर का बृहस्पतिवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। चौधरी ने पाटेकर के निधन को ”बेहद दुखद और हृदयविदारक” बताते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा ने एक ”महान और बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकार” को खो दिया है। चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ”ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार एवं उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

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