पीएम मोदी ने अर्जेंटीनी राष्ट्रपति जेवियर माइली से स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों में साझेदारी पर की चर्चा

ब्यूनस आयर्स, 5 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पांच देशीय विदेश यात्रा के तीसरे चरण में शनिवार को अर्जेंटीनी राष्ट्रपति जेवियर माइली के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) क्षेत्रों में सहयोग को लेकर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने बैठक के बाद जानकारी दी कि पीएम मोदी ने भारत की ऊर्जा और औद्योगिक जरूरतों को उजागर करते हुए अर्जेंटीना को एक ‘विश्वसनीय भागीदार’ बताया।

कुमारन ने कहा, ‘अर्जेंटीना में लिथियम, तांबा (Copper), और दुर्लभ तत्वों (Rare Earth Elements) जैसे महत्वपूर्ण खनिजों का विशाल भंडार है, जो भारत की हरित ऊर्जा संक्रमण (Clean Energy Transition) और औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की जरूरत को पूरा कर सकते हैं।’ उन्होंने यह भी बताया कि अर्जेंटीना के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा शेल गैस भंडार और चौथा सबसे बड़ा शेल ऑयल भंडार है, जिससे वह भारत का एक महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदार बन सकता है।

पीएम मोदी ने भारत की स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल क्षमताओं पर प्रकाश डाला

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल क्षमताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय दवाओं की अर्जेंटीना बाजार में आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भारत को Annexe II से Annexe I में स्थानांतरित किया जाए।

गौरतलब है कि अर्जेंटीना की फार्मास्यूटिकल नियामक प्रणाली में, Annexe I देशों की दवाओं को बाजार में प्रवेश देने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल होती है। वहीं अर्जेंटीना की ओर से भारतीय प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि भारतीय दवाओं के लिए फास्ट-ट्रैक अनुमोदन प्रक्रिया उपलब्ध है। कुमारन ने कहा, ‘यह परिवर्तन अर्जेंटीना के लोगों के लिए किफायती और जीवनरक्षक दवाओं की पहुंच आसान बनाएगा और देश की स्वास्थ्य सेवा की लागत को कम करेगा।’

स्वतंत्रता सेनानी सैन मार्टिन को श्रद्धांजलि देकर की ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत

इसके पूर्व शनिवार सुबह (स्थानीय समयानुसार) पीएम मोदी ने अर्जेंटीनी राजधानी ब्यूनस आयर्स में देश के स्वतंत्रता सेनानी जनरल जोसे डे सैन मार्टिन (Jose de San Martin) के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मोनुमेंटो अल जनरल सैन मार्टिन अर्जेंटीना, चिली और पेरू को स्वतंत्रता दिलाने वाले महान नेता सैन मार्टिन को समर्पित एक भव्य घुड़सवार की प्रतिमा है। यह स्मारक लैटिन अमेरिका की स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है और अर्जेंटीना के लिए गौरव का प्रतीक स्थल है। पीएम मोदी की यह श्रद्धांजलि भारत द्वारा विश्व के स्वतंत्रता सेनानियों और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान को दर्शाती है।

पीएम मोदी ब्राजील रवाना, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे

पीएम मोदी अर्जेंटीना की यात्रा पूरी करने के बाद ब्राजील रवाना हो गए, जहां वह पांच से आठ जुलाई तक रहेंगे। इस दौरान वह 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025 मे भाग लेंगे। ब्रिक्स नेताओं का शिखर सम्मेलन रियो डी जनेरियो में आयोजित किया जाएगा।

अपनी यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी नौ जुलाई को नामीबिया की यात्रा पर जाएंगे। अर्जेंटीना से पहले वह घाना और त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा कर चुके हैं।

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