बर्मिंघम टेस्ट : कप्तान शुभमन गिल का दूसरी पारी में भी शतक, असंभव लक्ष्य के सामने इंग्लैंड की शुरुआत बिगड़ी

बर्मिंघम, 5 जुलाई। कप्तानी संभालते ही रंगत पा चुके शुभमन गिल ने अपना बल्लेबाजी पराक्रम जारी रखा और दूसरी पारी में भी ताबड़तोड़ शतकीय प्रहार (161 रन, 162 गेंद, 243 गेंद, आठ छक्के, 13 चौके) से जहां 54 वर्षों बाद भारतीय क्रिकेट में इतिहास दोहराया वहीं उनकी टीम इंडिया ने दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन शनिवार को अंतिम सत्र में अपनी दूसरी पारी छह विकेट पर 427 रनों तक पहुंचाकर घोषित की और इंग्लैंड के सामने 608 रनों का असंभव लक्ष्य रखने में सफल हो गई। दिलचस्प तो यह रहा कि पहली पारी में 587 रन ठोकने वाले भारत ने किसी एक टेस्ट में पहली बार 1000 से ज्यादा रन (1014) बनाए।

एजबेस्टन के सपाट विकेट पर दुर्जेय लक्ष्य के सामने मेहमानों की शुरुआत भी खराब हो गई, जो स्टंप्स तक 16 ओवरों में 72 रनों पर तीन विकेट गंवा बैठे। पहली पारी के सभी 10 विकेट आपस में बांटने वाले मो. सिराज (1-29) व आकाश दीप (2-36) ने एक बार फिर जलवा बिखेरा और शुरुआती तीनों विकेट निकाल दिए।

मो सिराज व आकाश दीप ने झटके शुरुआत तीनों विकेट

इनमें आकाशदीप ने खतरनाक बेन डकेट (25 रन, 15 गेंद, आठ मिनट, पांच चौके) और जो रूट (छह रन, एक चौका) के विकेट झटके जबकि मो सिराज ने 11वें ओवर में जैक क्रॉली (0) को निबटाया (3-50)। खेल समाप्ति के समय ओली पोप (नाबाद 24 रन, 44 गेंद, तीन चौक) व प्रथम पारी के शतकवीर हैरी ब्रुक (नाबाद 15 रन, 15 गेंद, दो चौके) क्रीज पर मौजूद थे।

इंग्लैंड अब भी 536 रन दूर, भारत को चाहिए 7 विकेट

यह देखना दिलचस्प रहेगा कि मेहमान गेंदबाज अपने कप्तान गिल सहित साथी बल्लेबाजों की मेहनत को सार्थक करते हुए टीम को सीरीज में बराबरी दिलाने में कामयाब होते हैं अथवा नहीं। अंतिम दिन का खेल शेष रहते इंग्लैंड जहां अब भी जीत से 536 रन दूर है वहीं भारत को सीरीज 1-1 से बराबरी पर लाने के लिए सात विकेटों की दरकार है। उल्लेखनीय है कि लीड्स टेस्ट की दो पारियों में पांच शतकीय प्रहारों के बीच बड़ा स्कोर खड़ा करने के बावजूद भारतीय गेंदबाज अंतिम दिन 371 रनों के लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके थे और बेन डकेट के बहुमूल्य सैकड़े की मदद से इंग्लैंड पांच विकेट की जीत ले उड़ा था।

गिल एक टेस्ट में दोहरा शतक व शतक जड़ने वाले दुनिया के नौवें बल्लेबाज

जहां तक फजिल्का के 25 वर्षीय धाकड़ बल्लेबाज गिल का सवाल है तो उन्होंने चार पारियों में तीसरा शतक जड़कर अपनी धाक जमाए रखी। लीड्स टेस्ट की पहली पारी में 147 रन ठोकने के बाद यहां उन्होंने पहली पारी में 269 रन बनाए थे। इसी क्रम में शुभमन एक ही टेस्ट में शतक व एक दोहरा शतक जड़ने वाले दुनिया के नौवें व भारत के दूसरे बल्लेबाज बन गए। 54 वर्ष 1971 में पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट टेस्ट में यह कारनामा किया था।

पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर को भी पीछे छोड़ा

चाय से ठीक पहले शतक तक पहुंचने वाले गिल ने इस प्रक्रिया में किसी भी भारतीय के एक टेस्ट मैच में सर्वाधिक रन (430) जुटाने के मामले में भी गावस्कर को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में 344 रन (124 और 220) बनाए थे।

गिल के अलावा जडेजा, पंत व राहुल ने भी जड़े अर्धशतक

गिल के अलावा रवींद्र जडेजा (नाबाद 69 रन, 118 गेंद, 135 मिनट, एक छक्का, पांच चौके), ऋषभ पंत (65 रन, 58 गेंद, 74 मिनट, तीन छक्के, आठ चौके) और केएल राहुल (55 रन, 84 गेंद, 140 मिनट, 10 चौके) ने अर्धशतकीय प्रहारों से टीम को चार सौ रनों के पार पहुंचाने में उल्लेखनीय अंशदान किया।

शुभमन व जडेजा के बीच दूसरी पारी में भी शतकीय भागीदारी

दिलचस्प यह रहा कि गिल व जडेजा के बीच दोनों पारियों में बड़ी शतकीय भागीदारियां देखने को मिलीं। पहली पारी में इन दोनों ने जहां छठे विकेट पर 203 रन जोड़े थे वहीं आज उनके बीच पांचवें विकेट के लिए 175 रनों की भागीदारी आ गई।

पारी घोषित करने में विलंब पर टीम इंडिया की हूटिंग

अंततः भारत ने चाय के एक घंटे बाद दूसरी पारी घोषित की। हालांकि पारी घोषित करने के समय पर विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने सवाल उठाए, जिसमें चेतेश्वर पुजारा ने ‘ऑन एयर’ कहा कि भारत को कम से कम आधे घंटे पहले पारी घोषित कर देनी चाहिए थी। जब गिल के आउट होने के बावजूद पारी घोषित नहीं की गई तो ‘होलीज स्टैंड’ में इंग्लैंड के प्रशंसकों ने ‘बोरिंग बोरिंग’ के नारे लगाए। इसके तुरंत बाद हूटिंग शुरू हो गई।

पंत ने शुभमन ने चौथे विकेट पर जोड़े 110 रन

भारत ने पिछली शाम के स्कोर 1-64 से आगे खेलना शुरू किया तो लंच (3-177) से पहले केएल राहुल और करुण नायर (26 रन, 46 गेंद, 59 मिनट, पांच चौके) के रूप में दो विकेट गंवाए, जिन्हें क्रमशः जोश टंग (2-93) व ब्राइडन कार्स (1-56) ने लौटाया। गिल व पंत ने लंच (3-177) निकाला और उनकी 110 रनों की शतकीय भागीदारी 47वें ओवर में 236 के स्कोर पर ऑफ स्पिनर शोएब बशीर (2-119) ने तोड़ी, जब पंत को डकेट ने पकड़ा। वैसे दर्शकों ने पंत की बल्लेबाजी का पूरा लुत्फ उठाया। इसी क्रम में पहले सत्र के अंत में पंत ने टंग की गेंद पर जोरदार स्लॉग शॉट मारने की कोशिश की, लेकिन बल्ला उनके हाथ से दूर जा उछला था।

स्कोर कार्ड

पंत के लौटने के बाद जडेजा ने गिल का साथ निभाया, जो अब पूरी रौ में आ चुके थे। इस सत्र के दौरान 30 ओवरों में 127 आए। वहीं गिल ने चाय (4-304) से ठीक पहले टेस्ट का अपना दूसरा शतक पूरा किया। चाय के बाद दोनों ने रफ्तार पकड़ ली। इस क्रम में शतकीय भागीदारी पूरी करने के अलावा गिल ने एक ही टेस्ट में दूसरी बार डेढ़ सौ का आंकड़ा पार किया। जल्द ही टीम का स्कोर भी 400 के पार जा पहुंचा। अंततः 81वें ओवर में बशीर ने अपनी ही गेंद पर कैच करने के साथ गिल की पराक्रमी पारी का अंत किया और अगले ओवर में नीतिश कुमार रेड्डी (एक) जो रूट के शिकार बने तो भारतीय कप्तान ने पारी घोषित कर दी।

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