नई दिल्ली, 30 अगस्त। आजकल ऑफिस में घंटों लगातार बैठकर काम करना लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। लंबे समय तक बैठे रहने और शारीरिक गतिविधि कम होने का असर पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है। कब्ज, अपच और पेट के आसपास बढ़ती चर्बी जैसी समस्याएं परेशान करने लगती हैं। ऐसे में नियमित योगाभ्यास शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है। पश्चिमोत्तानासन को पेट और शरीर के लिए उपयोगी योगासनों में शामिल किया जाता है। पश्चिमोत्तानासन का नाम दो शब्दों से मिलकर बना है। ‘पश्चिम’ का अर्थ शरीर का पिछला हिस्सा और ‘उत्तान’ का मतलब खिंचाव होता है।
इस आसन में शरीर को आगे की ओर झुकाया जाता है, जिससे पेट और पैरों की मांसपेशियों के साथ रीढ़ में भी अच्छा खिंचाव आता है। इससे शरीर के लचीलेपन को बढ़ाने और पाचन को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। आयुष मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, पश्चिमोत्तानासन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ शरीर में लचीलापन बढ़ाने में सहायक हो सकता है। इसे कब्ज, अपच और मोटापे जैसी समस्याओं में भी उपयोगी बताया गया है। नियमित अभ्यास से तनाव कम करने और शरीर को आराम देने में भी मदद मिल सकती है।
रीढ़ से पैरों तक मिलता है खिंचाव
पश्चिमोत्तानासन करते समय शरीर को आगे की ओर झुकाना पड़ता है। इस दौरान रीढ़ की हड्डी से लेकर पैरों की मांसपेशियों तक खिंचाव महसूस होता है। नियमित और सही तरीके से अभ्यास करने पर शरीर का लचीलापन बेहतर हो सकता है। हालांकि, शुरुआत में अपनी क्षमता से अधिक शरीर को खींचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। योगाभ्यास को लंबे समय से शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए उपयोगी माना जाता है। पश्चिमोत्तानासन के नियमित अभ्यास से शरीर को सक्रिय रखने, मांसपेशियों में खिंचाव लाने और मन को शांत रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह किसी बीमारी का चिकित्सकीय इलाज नहीं है।
ऐसे करें पश्चिमोत्तानासन
सबसे पहले जमीन पर बैठकर दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैला लें। कमर और रीढ़ को सीधा रखें। अब गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए कमर से आगे की ओर झुकें। दोनों हाथों से पैरों या पैर के अंगूठों को पकड़ने का प्रयास करें। सिर को घुटनों की ओर ले जाने की कोशिश करें, लेकिन शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। अपनी क्षमता के अनुसार कुछ सेकंड इस स्थिति में रहें। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में वापस आ जाएं।
इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
पश्चिमोत्तानासन करते समय शुरुआत में शरीर पर अधिक दबाव नहीं डालना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को पेट में अल्सर जैसी समस्या है, तो इस आसन से बचने या इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेने की जरूरत है। किसी अन्य बीमारी, चोट या लगातार बनी रहने वाली पेट संबंधी परेशानी की स्थिति में डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही योगाभ्यास करें।


