इस्लामाबाद, 14 सितम्बर। पाकिस्तान ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की अगले माह प्रस्तावित बैठक से पहले संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी व जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर को फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) की सबसे ज्यादा वांछित आतंकवादियों की ‘रेड बुक’ में शामिल किया है और उसे पकड़ने में मदद करने वाली जानकारी देने पर 70 लाख रुपये के ईनाम की घोषणा की है।
मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं व मास्टरमाइंड्स में शामिल रहा है मसूद
उल्लेखनीय है कि मसूद अजहर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों (26/11) के मुख्य साजिशकर्ताओं और मास्टरमाइंड्स में शामिल रहा है। अब मसूद को लेकर पाकिस्तान के इस कदम को एक सांकेतिक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इसका मकसद यह दिखाना है कि इस्लामाबाद आतंकवाद और टेरर फाइनेंसिंग (आतंकवाद के लिए पैसे की फंडिंग) के खिलाफ काररवाई कर रहा है।
Pakistan puts Pak Rs 70 lakh bounty on UN terrorist Masood Azhar; move draws skepticism in Delhi
Reporting:https://t.co/X8avu5Y4NY
— Sidhant Sibal (@sidhant) September 14, 2026
आतंकवादियों को पनाह देने के लिए बदनाम रहा है यह देश
हालांकि, यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब पाकिस्तान की जमीन से काम करने वाले आतंकी संगठनों से निबटने के उसके रिकॉर्ड को लेकर लंबे समय से चिंताएं बनी हुई हैं। यह देश आतंकवादियों को पनाह देने के लिए बदनाम रहा है। आतंकी संगठनों और पाकिस्तान की सेना के बीच संबंध भी किसी से छिपे नहीं हैं, जिससे इन नेटवर्कों को खत्म करने की इस्लामाबाद की कोशिशों की गंभीरता पर सवाल उठते हैं।
खास बात यह है कि जुलाई, 2025 में अजहर को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान इलाके में देखे जाने की खबर आई थी, जो बहावलपुर में उसके मुख्य ठिकाने से 1,000 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर है। यह जानकारी तब सामने आई, जब पाकिस्तान पहले ही यह दावा कर चुका था कि अजहर देश से गायब हो गया है और माना जा रहा था कि वह पड़ोसी देश अफगानिस्तान में छिपा हुआ है। हालांकि तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के उन बार-बार किए गए दावों को भी खारिज कर दिया है कि अजहर अफगानिस्तान से अपनी गतिविधियां चला रहा है।
पाकिस्तान पहले भी मसूद पर घोषित कर चुका है ईनाम
फिलहाल, यह पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान ने अजहर को पकड़ने में मदद करने वाली जानकारी के लिए ईनाम की घोषणा की है। 2021 में, एफआईए ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख को पकड़ने में मदद करने वाली जानकारी के लिए 50 लाख रुपये के ईनाम की घोषणा की थी।
FIA की नई रेड बुक में 19 अन्य आतंकवादी भी शामिल
दरअसल, FIA की नई रेड बुक में 19 अन्य आतंकवादी भी शामिल हैं, जिन पर 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के दोषियों की मदद करने का आरोप है। इस लिस्ट में वे लोग भी शामिल हैं, जिन पर हमलावरों को आर्थिक मदद देने और मुंबई पहुंचने के लिए आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की गई नावों को चलाने में मदद करने का आरोप है।
अजहर सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में छिपा हो सकता है – भारतीय खुफिया एजेंसियां
इस बीच, भारतीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का हवाला देते हुए एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले छह माह में किए गए तकनीकी विश्लेषण से पता चलता है कि अजहर असल में पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में छिपा हो सकता है।


