नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत केंद्रीय मंत्रियों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए लाल बहादुर शास्त्री को नमन किया और उनके सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, दृढ़ संकल्प तथा राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को याद किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शास्त्री जी का जीवन सादगी और दृढ़ संकल्प का अनुपम उदाहरण था। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी स्वभाव से विनम्र थे, लेकिन उनके व्यक्तित्व में अद्भुत साहस और आत्मबल था।
राजनाथ सिंह ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का दिया ‘जय जवान, जय किसान’ का मंत्र आज भी देश की सुरक्षा, कृषि और राष्ट्रनिर्माण के प्रति संकल्प को प्रेरित करता है। उनके जीवन और आदर्शों से आने वाली पीढ़ियों को ईमानदारी, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती रहेगी।
- नितिन गडकरी ने शास्त्री जी को किया नमन
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे के जरिए उन्होंने देश के जवानों और किसानों के योगदान को राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा बनाया। उन्होंने शास्त्री जी की सादगी और व्यक्तित्व को सदैव वंदनीय बताया।
- पीयूष गोयल ने याद किया शास्त्री जी का नेतृत्व
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पूर्व प्रधानमंत्री को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण, कठिन परिस्थितियों में अडिग नेतृत्व और देशवासियों के प्रति संवेदनशीलता हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने भी लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश के सैनिकों और किसानों में नई ऊर्जा का संचार किया। सादगी, ईमानदारी और त्याग के प्रतीक के रूप में उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
- सीएम योगी ने कहा- शास्त्री जी का जीवन अनुकरणीय
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका दृढ़ नेतृत्व, ईमानदारी और सादगीपूर्ण जीवन देशवासियों के लिए हमेशा अनुकरणीय रहेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सादगी लाल बहादुर शास्त्री का स्वभाव और राष्ट्रसेवा उनका संकल्प था। उन्होंने कहा कि ‘जय जवान, जय किसान’ के मंत्र के जरिए शास्त्री जी ने सीमा पर तैनात जवानों और खेतों में मेहनत करने वाले किसानों के योगदान को देश के गौरव से जोड़ा।
- कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने किया नमन
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सरल जीवन, उच्च आदर्शों और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा को याद किया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का सादगी, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश देश की सुरक्षा और समृद्धि में सैनिकों और किसानों के योगदान के सम्मान की प्रेरणा देता है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने शास्त्री जी के सत्यनिष्ठा, सादगी, साहस और राष्ट्रसेवा से भरे जीवन को सार्वजनिक जीवन के लिए अनुकरणीय बताया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने दृढ़ नेतृत्व और ‘जय जवान, जय किसान’ के मंत्र से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश के स्वाभिमान और सुरक्षा को नई दिशा दी। उन्होंने शास्त्री जी के त्यागपूर्ण जीवन और उच्च आदर्शों को याद किया।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को नमन करते हुए कहा कि सादगी, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण देशवासियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार ने लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी सादगी और राष्ट्रप्रेम के उत्कृष्ट उदाहरण थे तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। महात्मा गांधी की जयंती के साथ ही हर साल 2 अक्टूबर को देश उनके योगदान और विचारों को भी याद करता है।


