नई दिल्ली, 21 अक्टूबर। मोदी सरकार आर्थिक सुधारों की कड़ी में अब सरकारी बैंकों (PSBs) को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस क्रम में सरकारी बैंकों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की सीमा 20 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 49 फीसदी की जा सकती है।
सरकारी सूत्रों की मानें तो वित्त मंत्रालय ने इसके लिए एक ड्राफ्ट कैबिनेट नोट तैयार कर लिया है और इस पर दूसरे मंत्रालयों से राय मांगी गई है। यदि सरकार कैबिनेट नोट को मंजूरी दे देती है तो भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा रिफॉर्म साबित हो सकता है।
RBI ने भी किया सरकार के प्रस्ताव का समर्थन
उल्लेखनीय तथ्य यह है कि देश के केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी सरकार के इस प्रस्ताव का पूरा समर्थन किया है। आरबीआई ने हाल ही में सरकार को चिट्ठी लिखकर सिफारिश की है कि सरकारी बैंकों में एफडीआई की सीमा यथाशीघ्र बढ़ाई जाए।
सरकारी और प्राइवेट बैंकों में बड़ा अंतर
मौजूदा नियमों के अनुसार प्राइवेट बैंकों में 74 फीसदी तक विदेशी निवेश की इजाजत है जबकि सरकारी बैंकों में यह सीमा सिर्फ 20 फीसदी पर सिमटी हुई है। सरकार के इस नए कदम से दोनों के बीच का यह बड़ा अंतर काफी हद तक कम हो जाएगा।
देश के 12 सरकारी बैंकों में से अब तक किसी में भी 20% की सीमा पूरी नहीं
दिलचस्प यह है कि देश के 12 सरकारी बैंकों में से अब तक किसी में भी 20 फीसदी की सीमा पूरी नहीं हुई है। इस समय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में सबसे ज्यादा 11.07 फीसदी विदेशी निवेश है जबकि केनरा बैंक 10.55 फीसदी के साथ दूसरे नंबर पर है। हालांकि, वित्त मंत्रालय या आरबीआई की तरफ से अब तक इसका कोई आधिकारिक एलान नहीं हुआ है।
देश में रिकॉर्ड तोड़ आ रहा विदेशी पैसा
इस बीच एक तरफ जहां दुनियाभर के बाजारों में उथल-पुथल मची है, वहीं भारत में विदेशी निवेशक जमकर पैसा लगा रहे हैं। डीपीआईआईटी (DPIIT) के ताजा आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में देश के भीतर आने वाला एफडीआई छह फीसदी बढ़कर 19.81 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह आंकड़ा 18.62 अरब डॉलर था।
यदि कुल एफडीआई (जिसमें इक्विटी निवेश और दोबारा निवेश की गई कमाई शामिल है) की बात करें, तो इसमें करीब 22 फीसदी का बड़ा उछाल आया है और यह बढ़कर 30.65 अरब डॉलर पहुंच गया है।
किस सेक्टर और राज्य को मिला सबसे ज्यादा फायदा?
सेक्टर : विदेशी निवेशकों की पहली पसंद सर्विस सेक्टर रहा, जहां 7.04 अरब डॉलर का निवेश आया। इसके बाद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर और ट्रेडिंग का नंबर रहा।
राज्य : राज्यों के मामले में तमिलनाडु ने बाजी मारी है। तमिलनाडु को सबसे ज्यादा 5.95 अरब डॉलर का निवेश मिला। इसके बाद महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक का स्थान रहा।
RBI की 50,000 करोड़ रुपये की VRR नीलामी में करीब दोगुनी बोलियां मिलीं
इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की बुधवार को 50,000 करोड़ रुपये की एक दिवसीय परिवर्तनीय दर रेपो (VRR) नीलामी में करीब दोगुनी राशि की बोलियां मिलीं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंक को 50,000 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के मुकाबले 93,241 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं। इनमें से 50,007 करोड़ रुपये की बोलियां स्वीकार की गईं। बोलियां 5.52 प्रतिशत की कट-ऑफ और भारित औसत दर पर स्वीकार की गईं।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 20 अक्टूबर तक बैंकिंग प्रणाली में करीब 48,303.95 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी रहने का अनुमान है। आरबीआई के विभिन्न उपायों और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के भुगतान के कारण बैंकिंग प्रणाली से हर महीने होने वाली नकदी की निकासी से अतिरिक्त नकदी में काफी कमी आई है।


