वॉशिंगटन/तेहरान, 31 अगस्त। मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कई हफ्तों बाद बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित लाराक द्वीप पर दो सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। बताया जा रहा है कि जुलाई के अंत के बाद ईरान के खिलाफ यह अमेरिका का पहला ज्ञात सैन्य हमला है।
होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंगों की तैयारी का दावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कमांडर टिम हॉकिन्स के अनुसार, यह कार्रवाई आत्मरक्षा और समुद्री व्यापार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई। अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने और रॉकेट हमले की तैयारी कर रहे थे।
अमेरिकी सेना के मुताबिक, संभावित खतरे को देखते हुए लाराक द्वीप पर मौजूद IRGC के दो सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, इसलिए यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
ईरान ने हमले की पुष्टि की, अमेरिका को दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी हमले की पुष्टि की है। IRGC के मुताबिक, रविवार को हुए हमले में कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।
ईरानी पक्ष ने अमेरिका को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा है कि हमले के लिए उसे कड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इससे दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों के और बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।
जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल दागने का दावा
अमेरिकी हमले के बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि IRGC ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं।
हालांकि, जॉर्डन की सेना के अनुसार, उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने समय रहते कार्रवाई करते हुए अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली आठ मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा ने सेना के हवाले से बताया कि किसी भी मिसाइल को अपने लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दिया गया।
मध्य पूर्व में फिर बढ़ा बड़े संघर्ष का खतरा
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव बढ़ने से पूरे मध्य पूर्व में चिंता गहरा गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य की संवेदनशील स्थिति और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को देखते हुए आने वाले दिनों में हालात और तनावपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है।
जुलाई के अंत में सैन्य अभियानों को लेकर सामने आए रोक संबंधी बयानों के बाद दोनों पक्षों के बीच फिर से सीधा सैन्य टकराव क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका को बढ़ा रहा है। यदि जवाबी कार्रवाई का सिलसिला आगे बढ़ता है, तो इसका असर केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित न रहकर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ सकता है।


