मुंबई, 14 जुलाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की होर्मुज जलडमरूमध्य में कार्गो जहाजों से 20 प्रतिशत शुल्क वसूली की घोषणा के चलते ईरान व अमेरिका की तनातनी और बढने से कच्चे तेल के दाम में तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 561 अंक टूटने के साथ 77,000 के तनिक ऊपर रुका तो एनएसई निफ्टी 159 अंकों की कमजोरी से 24,000 के पास जाकर ठहरा।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम एशिया में फिर तनाव बढ़ने से कच्चे तेल के दाम में तेजी के चलते निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। साथ ही विदेशी पूंजी की निकासी और डॉलर के मुकाबले रुपये के 96 के स्तर से नीचे आने का भी बाजार पर प्रतिकूल असर पड़ा।
सेंसेक्स 561.46 अंक टूटकर 77,054.94 पर बंद
लगातार तीन कारोबारी सत्रों की बढ़त के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 561.46 अंक यानी 0.72 प्रतिशत टूटकर 77,054.94 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 614.92 अंक यानी 0.79 प्रतिशत टूटकर 77,001.48 अंक तक जा गिरा था। सेंसेक्स से संबद्ध कम्पनियों में 24 के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और सिर्फ छह लाभ में रहे।
निफ्टी 158.95 अंक गिरकर 24,052.05 पर बंद
उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 158.95 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,052.05 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी से संबद्ध कम्पनियों में 16 के शेयर लाभ में रहे जबकि 34 में कमजोरी रही।
व्यापक बाजार देखें तो मझोली कम्पनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.01 प्रतिशत नीचे आया जबकि छोटी कम्पनियों से संबंधित स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.55 प्रतिशत टूटा।
एचसीएल टेक के स्टॉक में सबसे ज्यादा 4.42% की गिरावट
सेंसेक्स समूह में शामिल कम्पनियों में एचसीएल टेक के स्टॉक ने सबसे अधिक 4.42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और लार्सन एंड टुब्रो भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सन फार्मा, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स और इटर्नल शामिल हैं।
एफआईआई ने 3,062.27 करोड़ रुपये के शेयर बेचे
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,062.27 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.26 प्रतिशत बढ़कर 86.85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी मुद्रा की निकासी के कारण मंगलवार को रुपया 96 के स्तर से नीचे आ गया।

