लखनऊ, 28 सितंबर। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर सोमवार को देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कई नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भगत सिंह के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, उनके साहस और बलिदान को याद किया। नेताओं ने उनके विचारों और जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेने की बात कही।
सीएम योगी ने भगत सिंह को दी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भगत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने देश की आजादी को अपने जीवन का एकमात्र लक्ष्य बनाया और अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उन्होंने भगत सिंह के साहस, त्याग और बलिदान को लंबे समय तक प्रेरणा देने वाला बताया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भगत सिंह को युवा शक्ति और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के लिए भगत सिंह का संघर्ष, साहस और राष्ट्रप्रेम आज भी लोगों को प्रेरित करता है।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने भी किया याद
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भगत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन और विचारों को याद किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने कम उम्र में स्वतंत्र भारत का सपना देखा और मातृभूमि के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने भगत सिंह को भारत के साहस और स्वाभिमान की अमर चेतना से जोड़ा। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने भी भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के लिए भगत सिंह का त्याग और साहस आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी किया नमन
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भगत सिंह को भारत माता का वीर सपूत बताते हुए उनके बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का राष्ट्रप्रेम आज भी युवाओं में देशभक्ति की भावना को प्रेरित करता है। वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भगत सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देकर युवाओं में क्रांतिकारी चेतना जगाई। उन्होंने उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रह्लाद सिंह पटेल ने भगत सिंह के विचारों को किया साझा
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने भगत सिंह की जयंती पर उनके सामाजिक समानता और लोकतंत्र से जुड़े विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भगत सिंह अदम्य साहस और अटूट विश्वास के प्रतीक हैं तथा मातृभूमि के लिए उनका बलिदान हमेशा याद किया जाएगा। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वतंत्रता और देश के स्वाभिमान के लिए भगत सिंह के संघर्ष और बलिदान को स्मरण किया।
23 साल की उम्र में दी शहादत
सरकारी स्रोतों के अनुसार, भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को तत्कालीन पंजाब के लायलपुर जिले के बंगा गांव में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। भगत सिंह ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। 8 अप्रैल 1929 को उन्होंने बटुकेश्वर दत्त के साथ दिल्ली की केंद्रीय विधान सभा में बम विस्फोट किया था। बाद में लाहौर षड्यंत्र मामले में उन्हें राजगुरु और सुखदेव के साथ मृत्युदंड दिया गया। 23 मार्च 1931 को लाहौर सेंट्रल जेल में तीनों को फांसी दी गई। उस समय भगत सिंह की उम्र 23 वर्ष थी। हर वर्ष 28 सितंबर को उनकी जयंती पर देशभर में उन्हें याद किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अलग-अलग वर्षों में भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दे चुके हैं।


