जस्टिस एपी शाही बोले- NST के गठन से खिलाड़ियों को मिलेगा त्वरित न्याय, पारदर्शी होगी व्यवस्था  

प्रयागराज, एक अगस्त। पटना व मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC), नई दिल्ली के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही ने शनिवार को यहां एक संवाद कार्यक्रम में कहा कि सामान्य सिविल अदालतों के बजाय गठित हो चुके विशेषज्ञ नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल (NST) के जरिए न सिर्फ खेल विवादों का त्वरित समाधान संभव होगा वरन उससे व्यवस्था भी पारदर्शी हो जाएगी।

 ‘भारतीय खेल सृष्टि में न्याय की दृष्टि’ विषयक राष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम में शीर्ष हस्तियों का जमावड़ा

जस्टिस एपी शाही यहां करेली स्थित ठाकुर हरनारायण सिंह डिग्री कॉलेज के सभागार में क्रीड़ा भारती (काशी प्रांत) एवं ठाकुर हरनारायण सिंह ग्रुप ऑफ कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘भारतीय खेल सृष्टि में न्याय की दृष्टि’ विषयक एक दिवसीय भव्य राष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एक्ट-2025 के तहत नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र, कार्यप्रणाली और भारत में ‘खेल न्यायशास्त्र’ पर विस्तृत प्रकाश डाला।

संवाद कार्यक्रम में खेल प्रशासन, न्यायपालिका और नीति-निर्धारण जगत की शीर्ष हस्तियों ने हिस्सा लेकर भारतीय खेल प्रशासन में सुधार और न्याय व्यवस्था पर गहन विचार-मंथन किया। क्रीड़ा भारती (काशी प्रांत) के मंत्री वीरेंद्र नाथ उपाध्याय ने बताया कि यह कार्यक्रम ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक सशक्त और पारदर्शी ‘खेल पारिस्थितिकी तंत्र’ के निर्माण का रोडमैप तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के पूर्व उप महानिदेशक सत्यजीत सांकृत ने खेल संघों के प्रशासनिक विवादों व कानूनी उलझनों का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि ट्रिब्यूनल के क्रियान्वयन से अब प्रशासनिक कमियों का खमियाजा प्रतिभावान खिलाड़ियों को नहीं भुगतना पड़ेगा।

क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रसाद महानकर ने ‘नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट’ का स्वागत किया। उन्होंने इसे भारतीय खेल जगत में लैंगिक समानता, महिला सशक्तीकरण और खिलाड़ियों की सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित ने अपने सम्बोधन में कहा कि खेल प्रशासन और नवगठित स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल की यह व्यवस्था भारतीय खेल जगत को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाएगी।

संवाद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित खिलाड़ियों, कोचों और विभिन्न खेल संगठनों के पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण को लेकर विषय-विशेषज्ञों से कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक प्रश्न किए। पैनल में शामिल न्यायमूर्ति एपी शाही एवं सत्यजीत सांकृत ने सभी प्रश्नों का विस्तृत उत्तर देते हुए स्पष्ट किया कि यह नया एक्ट खिलाड़ियों के अधिकारों की सुरक्षा कैसे करेगा और विवादों के त्वरित निस्तारण से खिलाड़ियों के करियर में आने वाले प्रशासनिक व्यवधान कैसे समाप्त होंगे। पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को सीधे तौर पर क्या-क्या लाभ प्राप्त होंगे।

ठाकुर हरनारायण सिंह डिग्री कॉलेज के ठाकुर अभिषेक नारायण सिंह एवं क्रीडा भारती के अतुल सिद्धार्थ ने कार्यक्रम में पधारे सभी मुख्य अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम के संयोजक आर.एस. बेदी जी रहे तथा मंच का सफल संचालन क्रीड़ा भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. भास्कर शुक्ला ने किया।

इस अवसर पर अर्जुन अवार्डी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी अभिन्न श्याम गुप्ता एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आशीष सहित कई नामचीन खिलाड़ी, अपर महाधिवक्ता अशोक मेहता, वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष तिवारी, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एसके पाल, वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी, प्रयागराज क्रीड़ा भारती अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, नवीन पोरवाल, श्याम सिंह, प्रो बीसी कापरी, अशोक लाल, कुंदन राय, ज्योति प्रकाश, आरपी राजन, हसबीन अहमद, विवेक राय, अर्चना मौर्या, अमृता प्रधान एवं बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में क्रीडा भारती (काशी प्रांत) मंत्री वीरेंद्र नाथ उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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