रामगढ़, 26 जून। झारखंड के रामगढ़-बोकारो राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-23) पर गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर सड़क सुरक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी-बरलौंग (बुध बाजार) के पास रात करीब 12 बजे हुई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रामगढ़ की ओर से आ रहा तेज रफ्तार कोयला लदा ट्रक ओवरटेक करने के दौरान विपरीत लेन में चला गया और सामने से आ रही सवारी गाड़ी से उसकी आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सवारी गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।
कार्यक्रम से लौट रहे थे बैंड पार्टी के सदस्य
मृतक सभी लोग एक बैंड-ताशा पार्टी से जुड़े थे। वे रामगढ़ क्षेत्र में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के बाद लौट रहे थे। बताया गया कि सभी मृतक बलसगरा और मरांगमरचा गांव के निवासी थे। उन्हें अगले कार्यक्रम के लिए बिहार जाना था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
हादसे के बाद हाईवे पर प्रदर्शन
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए एनएच-23 को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर रोक लगाने और स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलने पर रजरप्पा थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाकर यातायात बहाल कराने की प्रक्रिया शुरू कराई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया शोक
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायल के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने दुर्घटनास्थल को ‘ब्लैक स्पॉट’ बताते हुए वहां सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने बताया कि मृतकों के परिजनों को नियमानुसार अनुग्रह सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

