एशियाई खेल : एथलीटों ने 3 रजत सहित 6 पदक जीते, लेकिन ट्रैक एंड फील्ड मुकाबलों में पीला तमगा अब भी दूर

नागोया, 28 सितम्बर। लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह, लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर व भाला प्रक्षेपक यशवीर सिंह की अगुआई में भारतीय एथलीटों ने यहां 20वें एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) में सोमवार को तीन रजत सहित और छह पदक जीते।

गुलवीर सिंह, मुरली श्रीशंकर व यशवीर ने जीते रजत पदक

लेकिन ट्रैक एंड फील्ड मुकाबलों में छह दिन भी 75 सदस्यीय एथलेटिक्स दल कोई पीला तमगा हासिल नहीं कर सका है। अब यह देखना दिलचस्प रहेगा कि एथलेटिक्स स्पर्धाओं के सातवें व अंतिम दिन भारत कोई स्वर्ण पदक हासिल कर पाता है अथवा नहीं। मंगलवार को तीन रिले सहित कुल नौ स्पर्धाएं होनी हैं। भारतीय एथलीटों ने अब तक नौ रजत व 10 कांस्य यानी कुल 19 पदक जीते हैं।

पदक तालिका : 4 स्वर्ण सहित 45 पदक लेकर भारत 12वें स्थान पर

कुल मिलाकर देखें तो भारत ने पदक स्पर्धाओं के नौवें दिन चार रजत व चार कांस्य यानी आठ पदक जीते और कुल चार स्वर्ण, 20 रजत व 21 कांस्य सहित कुल 45 पदक हासिल पदक तालिका में 12वें स्थान पर पिछड़ा हुआ है। वहीं चीन 132 स्वर्ण, 53 रजत और 45 कांस्य सहित कुल 230 पदकों के शीर्ष पर बना हुआ है। मेजबान जापान (41+68+63=172) दूसरे व कोरिया गणराज्य (21+26+44=91) तीसरे स्थान पर है।

गुलवीर को दूसरा रजत, 1500 मीटर में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकाला

नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आज की स्पर्धाओं की बात करें तो पहले ही 10,000 मीटर में रजत पदक जीत चुके गुलवीर ने पुरुषों की 1,500 मीटर दौड़ में 3:36.72 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ एक और रजत पदक अपने नाम किया। जापानी इजावा काजुटो (3:36.35) ने  बाजी मारी तो उन्हीं के देशवासी मोही नागिया (3:37.92) को कांस्य मिला।

मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद में बरकरार रखा रजत पदक

मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद में हांगझू खेलों का अपना रजत पदक बरकरार रखा। उन्होंने दूसरे प्रयास में 8.07 मीटर की कूद लगाई, लेकिन चौथे प्रयास में टखने में चोट लगने के कारण आखिरी दो प्रयास नहीं कर सके। चीन के युहाओ शि (8.17 मीटर) ने स्वर्ण पदक जीता। उजबेकिस्ताकन के अनवर अनवारोव को कांस्य पदक मिला।

भाला प्रक्षेपक यशवीर व रोहित ने जीते रजत व कांस्य पदक

चोटिल नीरज चोपड़ा की अनुपस्थिति में भाला प्रक्षेपक यश वीर सिंह ने ने 85.72 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रक्षेप से रजत पदक जीता। यशवीर के साथी रोहित यादव (84.35 मीटर) भी कांस्य पदक जीतने में सफल रहे। श्रीलंकाई पथिरागे रुमेश (88.55 मीटर) ने स्वर्ण पदक जीता।

पारुल ने जीता दूसरा कांस्य, 5000 मीटर दौड़ में तीसरे स्थान पर रहीं

दूसरी तरफ महिलाओं की तीन हजार मीटर स्टीपल चेज में कांस्य पदक जीत चुकीं पारूल चौधरी ने 5000 मीटर दौड़ में भी कांस्य हासिल किया। उऩ्होंने 15 मिनट 14.61 सेकेंड में दौड़ पूरी की। बहरीन की यावी विनफ्रेड (15:10.18) स्वर्ण जीतने में सफल रहीं तो जापान की तानाका नोजोमी (15:11.65) दूसरे स्थान पर रहीं।

400 मीटर दौड़ में रामराज ने पीटी उषा का 42 वर्ष पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा

महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में विथ्या रामराज का कांस्य पदक का प्रदर्शन भी शानदार रहा। रामराज ने 54.75 सेकेंड का समय निकालकर भारतीय ओलम्पिक संघ (IOA) की मौजूदा अध्यक्ष व अपने जमाने की दिग्गज धाविका पीटी उषा के 1984 के लॉस एंजेलिस ओलम्पिक में बनाए गए 55.42 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा।

3000 मीटर स्टीपल चेज में गत चैम्पियन साबले पांचवें स्थान पर पिछड़े

फिलहाल अनुभवी ट्रैक एथलीट अविनाश साबले पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में अपना खिताब बरकरार रखने में नाकाम रहे। वह 8:21.67 सेकेंड के सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बावजूद पांचवां स्थान पा सके।

निशानेबाज ईशा को 25 मीटर पिस्टल में रजत, शूट-ऑफ में पिछड़ीं

शूटिंग रेंज में विश्व नंबर एक 21 वर्षीय निशानेबाज ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में पांच शूट-ऑफ में से गुजरने के बाद रजत पदक जीता। इसी वर्ष मई में म्यूनिख में 43 अंकों के साथ विश्व रिकॉर्ड तोड़ चुकीं ईशा ने चीनी शियाओ जियारुईशुआन के बराबर 38 अंक बटोरे, लेकिन वह शूट-ऑफ में पिछड़ गईं।

हैदराबादी ईशा ने रजत की दौड़ में बने रहने के लिए उत्तर कोरिया की किम हियोन सुक के खिलाफ तीन शूट-ऑफ जीते। इसके बाद स्वर्ण पदक के मुकाबले में उन्हें चीन की शियाओ के साथ दो और शूट-ऑफ से गुजरना पड़ा। निर्धारित सीरीज के बाद दोनों के 38-38 अंक थे, लेकिन अंतिम निशाने में ईशा चूक गईं और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। कंधे के दर्द और करीबी एलिमिनेशन से उबरते हुए ईशा ने बेहद नाटकीय फाइनल में अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया।

मनु भाकर क्वालीफिकेशन में ही बाहर

ईशा के अलावा मुकाबले में उतरीं दूसरी शूटर मनु भाकर टीम या व्यक्तिगत वर्ग में अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहने के बाद बिना पदक के ही बाहर हो गईं। वह 579 अंकों के साथ 11वें स्थान पर रहीं, जो फाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं था। ईशा ने क्वालीफिकेशन में 580 अंक जुटाए थे।

टीम स्पर्धा में सरनोबत की चूक टीम पर भारी पड़ी

भारतीय महिला टीम भी पदक की दौड़ में थी, लेकिन अहम समय पर राही सरनोबत की एक चूक टीम पर भारी पड़ी। सरनोबत ने चौथी सीरीज (प्रत्येक सीरीज में पांच निशाने लगाने होते हैं) में 39 अंक का निराशाजनक स्कोर किया। इसके बाद भारत की पदक की उम्मीदें समाप्त हो गईं। सरनोबत 568 अंक के साथ 30वें स्थान पर रहीं।

कुराश खिलाड़ी पिंकी ने दूसरी बार जीता पदक

वहीं कुराश खिलाड़ी पिंकी बलहारा ने 78 किलोग्राम से कम के वर्ग में कांस्य पदक जीतकर सबको चौंका दिया। सेमीफाइनल में कोरियाई एम. सुमिन के हाथों 0-5 से परास्त पिंकी का एशियाई खेलों में यह दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 में रजत पदक जीता था। इस तरह वह इन खेलों में सबसे सफल भारतीय कुराश खिलाड़ी बन गईं।

मुक्केबाजी में और तीन पदक पक्के

मुक्केबाजी में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा) और कपिल पोखरिया (90 किग्रा) ने सेमीफाइनल में प्रवेश के साथ पदक पक्का किया। भारत के तीन मुक्केबाज पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना चुके थे।

स्क्वाश में श्रेष्ठ प्रदर्शन जारी, महिला व पुरुष टीमें अंतिम 8 में

स्क्वाश में दो व्यक्तिगत रजत पदक व मिश्रित युगल में एक कांस्य पदक जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने टीम प्रतियोगिता में भी श्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखा और पुरुष व महिला टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं, जहां तीसरी वरीय महिला टीम ने जापान पर 2-1 की कठिन जीत हासिल की।

हालांकि शीर्ष खिलाड़ी अनाहत सिंह विश्व की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे से पांच गेम में हार गईं। अनाहत ने व्यक्तिगत सेमीफाइनल में विश्व की छठे नंबर की जापानी खिलाड़ी को हराया था और ऐतिहासिक रजत पदक जीता था।

पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम ने अपने पहले मैच में चीन को 3-0 से हराया था। वहीं चीन में स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराकर अंतिम आठ में जगह पक्की की।

पुरुष क्रिकेट में भारत बिना खेले ही सेमीफाइनल में

इस बीच भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम बारिश के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मैच रद होने के बाद सेमीफाइनल में पहुंच गई। श्रेयस अय्यर की टीम विश्व रैंकिंग में पहले स्थान पर होने के कारण आगे बढ़ी जबकि अफगानिस्तान 10वें स्थान पर है।

पुरुष वॉलीवाल में लगातार दूसरी जीत

उधर भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने पूल सी के प्रारंभिक दौर के मैच में हांगकांग को हराकर लगातार दूसरी जीत हासिल की। भारत ने इससे पहले वियतनाम पर 3-0 की जीत के साथ शुरुआत की और अब वह मंगलवार को कतर से भिड़ेगा।

तीरंदाजी में ज्योति बाहर : हालांकि तीरंदाजी में भारत को झटका लगा क्योंकि महिला व्यक्तिगत कंपाउंड चैंपियन ज्योति सुरेखा वेम्मन क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गई।

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