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ईरान की चेतावनी – अब पश्चिम एशिया में स्थित Microsoft, Google व Apple सरीखी US फर्मों को बनाएंगे निशाना

तेहरान, 31 मार्च। ईरान की एलीट मिलिट्री यूनिट, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को चेतावनी दी कि यदि ‘टारगेटेड हत्याओं’ में और ईरानी नेताओं को मारा गया तो वे बुधवार (एक अप्रैल) से पश्चिम एशिया/खाड़ी क्षेत्र में मिलिट्री बेस पर काम कर रही कम्पनियों के अलावा अन्य अमेरिकी कम्पनियों को भी निशाना बनाएंगे। आईआरजीसी की धमकी में जिन 18 कम्पनियों के नाम शामिल हैं, उनमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल, इंटेल, आईबीएम, टेस्ला और बोइंग आदि शामिल हैं।

सरकारी मीडिया के अनुसार, आईआरजीस के बयान में कहा गया है, ‘इन कम्पनियों को यह उम्मीद रखनी चाहिए कि ईरान में होने वाले हर आतंकी हमले के बदले, बुधवार, एक अप्रैल को तेहरान के समय अनुसार रात आठ बजे से शुरू होकर, उनकी संबंधित इकाइयों को तबाह कर दिया जाएगा।’ तेहरान के रात आठ बजे का मतलब जीएमटी/यूटीसी में शाम 4.30 बजे और भारत (IST) में रात 10.30 बजे होता है।

IRGS की हिट लिस्ट में शामिल हैं ये अमेरिकी कम्पनियां

इसमें आगे कहा गया, ‘हम इन संस्थानों के कर्मचारियों को सलाह देते हैं कि वे अपनी जान बचाने के लिए तुरंत अपनी काम की जगह छोड़ दें।’ आईआरजीस की हिट लिस्ट में शामिल अमेरिकी कम्पनियों में डेल टेक्नोलॉजीस, माइक्रोसॉफ्ट, एचपी, सिसको, इंटेल, ओरेकल, एप्पल, मेटा प्लेटफॉर्म्स (जिसके पास फेसबुक, ह्वाट्सएप, इंस्टाग्राम का मालिकाना हक है), आईबीएम, जेपी मॉर्गन चेज, टेस्ला, जनरल इलेक्ट्रिक और बोइंग शामिल हैं।

उदाहरण के लिए, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल के संयुक्त अरब अमीरात में कॉर्पोरेट कार्यालय और महत्वपूर्ण खुदरा उपस्थिति है, जो मुख्य रूप से दुबई और अबू धाबी में केंद्रित है।

युद्ध में एआई तकनीक की भूमिका है : आईआरजीसी

अपने बयान में, आईआरजीसी ने कथित तौर पर इस बात पर जो दिया कि सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कनिपनियां ईरान को निशाना बनाने वाले ऑपरेशन्स की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में अहम भूमिका निभाती हैं। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के अलावा, एंथ्रोपिक और ओपनएआई जैसी कम्पनियां एआई के क्षेत्र में अग्रणी हैं।

एआई कम्पनियां मानवरहित ड्रोन्स को निर्देशित करने और लक्ष्य चुनने के काम में अमेरिका और इजराइल की सेनाओं के साथ काम कर रही हैं, या उन्होंने अतीत में ऐसा काम किया है। यह ध्यान देने योग्य है कि आईआरजीसी ने अतीत में भी इसी तरह की धमकियां दी थीं, लेकिन एक समय-सीमा तय होने से इस चेतावनी का वजन और बढ़ जाता है।

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