एशियाई खेल : पाल नौकायन व ग्रीको रोमन कुश्ती में भारत ने जीते रजत पदक

नागोया, एक अक्टूबर। समापन की ओर बढ़ चले 20वें एशियाई खेलों (Aichi-Nagoya 2026) में भारतीय दल की ओर से गुरुवार को 24 घंटे पहले जैसा धूम धड़ाका तो नहीं दिखा, जब कंपाउंड तीरंदाजों व निशानेबाजों ने मिलकर चार स्वर्ण पदक झोली में डाल दिए थे, फिर भी पदक स्पर्धाओं के 12वें दिन भारत ने पाल नौकायन (Sailing) की स्किफ स्पर्धा और ग्रीको रोमन कुश्ती में रजत पदक हासिल किए। इसी क्रम में क्रिकेट और हॉकी में गत चैम्पियन पुरुष टीमों ने फाइनल में प्रवेश के साथ खुद को उपाधि रक्षा की देहरी पर ला खड़ा किया।

मनु फ्रांसिस व कुरिसिंकल नोबल को पुरुष स्किफ में रजत पदक

पाल नौकायन (सेलिंग) की बात करें तो केरल के मनु फ्रांसिस और कुरिसिंकल नोबल ने पुरुष स्किफ की नौवीं रेस में रजत रजत पदक जीता। फ्रांसिस व नोबल ने नौ रेस के बाद कुल 23 अंक जुटाए और दूसरे स्थान पर रहे। महिला स्किफ स्पर्धा में हर्षिता तोमर व शीतल वर्मा की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता, जो 24 नेट अंक और कुल 28 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रहीं।

स्किफ स्पर्धा में जीते गए दोनों पदक इसलिए पदक तालिका में नहीं जोड़े जाएंगे

देखा जाए तो भारत ने आज दो रजत व चार कांस्य सहित छह कुल पदक जीते। लेकिन सेलिंग की स्किफ स्पर्धा को खेलों के मौजूदा संस्करण में प्रदर्शन खेलों (Unofficial/Demonstration Sports) के तौर पर शामिल किया गया है, लिहाजा इन स्पर्धाओं में जीते गए आज के दोनों पदक देश की आधिकारिक पदक तालिका में नहीं गिने जाएंगे।

पदक तालिका : भारत पदक तालिका में आठवें स्थान पर

यही वजह है कि एशियाई खेलों की आधिकारिक पदक तालिका (Official Medal Tally) में भारत 10 स्वर्ण, 22 रजत और 32 कांस्य समेत 64 पदक लेकर आठवें स्थान पर है। वहीं चीन (154+71+63=288), मेजबान जापान (59+79+79=217) व कोरिया गणराज्य (30+30+53=113)  क्रमशः पहले तीन स्थानों पर जमे हुए हैं।

पहलवान नितेश सिवाच ने ग्रीको रोमन में जीता दर्लभ रजत

इस बीच सायंकालीन सत्र में भारत को दूसरा रजत पदक ग्रीको रोमन पहलवान नितेश सिवाच 97 किलोग्राम भार वर्ग में दिलाया, जो फाइनल में जापान के यूरी नकाजातो ने 4-0 से हराया। लेकिन मानसी अहलावत महिलाओं के 62 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक के प्ले-ऑफ में मंगोलियाई अल्तजिन तोगतोख के हाथों 2-5 से हार गईं। दो अन्य मल्ल – सुमित (60 किलोग्राम) व अमन बरोनिया (77 किलोग्राम) अपने-अपने क्वार्टर फाइनल हारने के बाद पदक की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुके थे।

ग्रीको रोमन कुश्ती में 1962 के बाद से पहली बार देश को रजत

दिलचस्प यह है कि ग्रीको रोमन कुश्ती में किसी मल्ल ने 1962 के जकार्ता खेलों के बाद पहली बार देश को रजत पदक दिलाया। हालांकि नितेश के पास 1962 के बाद एशियाई खेलों में भारत के पहले ग्रीको-रोमन स्वर्ण पदक विजेता बनने का अवसर था, लेकिन जापानी मल्ल यूरी को चुनौती नहीं दे सके।

1962 के जकार्ता एशियाड में मालवा सिंह (52 किग्रा) और गणपत अंडालकर (97 किग्रा से अधिक) ने स्वर्ण पदक जीते थे जबकि उदय चंद (70 किग्रा), सज्जन सोंघ (87 किग्रा) व मारुति माने (97 किग्रा) ने रजत पदक जीते थे। तब इन पहलवानों ने पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती में भी भाग लिया था और दोनों शैलियों में पदक जीते थे।

कंपाउंड तीरंदाज गणेश ने जीता कांस्य पदक

उधर कंपाउंड तीरंदाज गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु ने पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा का कांस्य पदक जीता। बुधवार को स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम का हिस्सा रहे गणेश ने स्वर्ण पदक की दौड़ से बाहर होने के बाद कांस्य पदक के मुकाबले में वियतनाम के कोंग डुक डांग को 149-144 से हराया।

गोल्फ में प्रणवी उर्स व महिला टीम कांस्य पदक की दौड़ में

गोल्फ में भी भारत की प्रणवी उर्स और भारतीय महिला टीम पदक की दौड़ में है। प्रणवी ने दूसरे दौर में सात अंडर 63 का स्कोर किया और वह शीर्ष पर काबिज सिंगापुर की शैनोन टैन से सिर्फ दो स्ट्रोक्स पीछे है। वहीं टीम स्पर्धा में भारतीय महिला टीम कांस्य पदक जीत सकती है।

सेपकटेकरा पुरुष ‘क्वाड्रेंट’ स्पर्धा में भारत का पदक पक्का

दूसरी तरफ सेपकटेकरा पुरुष ‘क्वाड्रेंट’ स्पर्धा में भारत का पदक पक्का हो गया, जब टीम म्यामांर को 2-1 (10-15, 15-13, 15-7) से हराकर सेमीफाइनल में पहुंच गई। भारतीय टीम ने अपना अजेय अभियान कायम रखते हुए ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया। इससे पहले टीम ने वियतनाम को 2-0 (15-12, 15-9) से मात दी थी। हालांकि जूडोका, साइकिलिस्ट और पिस्टल निशानेबाज अनीश भानवाला पदक जीतने में नाकाम रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular