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ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर साधा निशाना, F-35, F-15 और F-16 ठिकानों पर हमले का दावा

ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर साधा निशाना, F-35, F-15 और F-16 ठिकानों पर हमले का दावा

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तेहरान, 11 जून। ईरान की शक्तिशाली सैन्य व सुरक्षा संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने 12 बैलिस्टिक मिसाइलों से क‍िए जवाबी हमले में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उसके लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया। इस काररवाई में कई महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया।

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने हालिया हमले के जवाब में अमेरिकी एफ-35, एफ-15 और एफ-16 लड़ाकू विमानों की तैनाती वाली जगहों को निशाना बनाया है। यह जानकारी गुरुवार को आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी एक बयान में दी गई।

आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने गुरुवार तड़के 12 बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ यह अभियान शुरू किया। हमलों में अमेरिकी एफ-35, एफ-15 और एफ-16 लड़ाकू विमानों की तैनाती वाले ठिकानों के साथ-साथ अल-अजराक एयर बेस (जॉर्डन) और वहां स्थित अमेरिकी सेना के महत्वपूर्ण नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया गया। बयान में कहा गया कि मिसाइल हमलों में इन सुविधाओं को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया और बड़ी संख्या में अमेरिकी लड़ाकू विमान भी तबाह हो गए।

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के अनुसार, गुरुवार को ईरानी सशस्त्र बलों ने पांच सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। इनमें मुवाफक अल-साल्टी एयर बेस (जॉर्डन), अहमद अल-जाबेर एयर बेस (कुवैत), अली अल-सालेम एयर बेस (कुवैत), अमेरिकी 5वें बेड़े का मुख्यालय (बहरीन) और शेख ईसा एयर बेस (बहरीन) शाम‍िल हैं। आईआरजीसी के मुताब‍िक, ये हमले अमेर‍िका के बुधवार शाम क‍िए गए हमलों के जवाब में किए गए।

अमेर‍िकी सैन्य काररवाई बुधवार शाम 5.15 बजे (ईस्टर्न टाइम) शुरू की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर ईरान में कई ठिकानों पर ‘आत्मरक्षा’ में अतिरिक्त हमले किए गए। डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि यदि तेहरान वॉशिंगटन के साथ परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तो उस पर सैन्य दबाव और बढ़ाया जाएगा।

सेंटकॉम ने कहा कि ये हमले ‘ईरान की लगातार और बिना वजह की आक्रामक गतिविधियों’ के जवाब में किए गए हैं। इससे पहले दिन में कमांड ने बताया था कि अमेरिकी बलों ने एक और तेल टैंकर को रोक दिया, जो अमेरिकी नेतृत्व वाली नाकाबंदी का उल्लंघन करते हुए ईरानी तेल ले जा रहा था।

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