भारतीय महिलाओं ने रचा इतिहास, बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक

शाह आलम (मलेशिया), 18 फरवरी। युवा अनमोल खरब ने यहां सेतिआ सिटी कन्वेंशन सेंटर में अपने स्वप्निल प्रदर्शन को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया और भारतीय महिलाओं ने बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप (BATC) के इतिहास में नया अध्याय रचते हुए रोमांचक फाइनल में थाईलैंड को 3-2 से पराजित कर अपना पहला स्वर्ण पदक जीत लिया।

खिताबी मुकाबले में थाईलैंड को 3-2 से शिकस्त दी

पीवी सिंधु की अगुआई वाली भारतीय महिला टीम ने तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखा तथा दो बार के कांस्य पदक विजेता थाईलैंड को हराकर पहली बार इस प्रतियोगिता में कोई पदक, वह भी स्वर्ण के रूप में जीता। थाईलैंड हालांकि अपनी चोटी की दो खिलाड़ियों विश्व नंबर 13 रतचानोक इंतानोन और विश्व नंबर 16 पोर्नपावी चोचुवोंग के बिना इस प्रतियोगिता में उतरा था, जिसका भारत को फायदा मिला।

दरअसल, भारतीय महिलाओं ने गत शुक्रवार को हांगकांग को 3-0 से पस्त कर पहली बार प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ कोई पदक पक्का किया था। इसके बाद शनिवार को दो बार के चैम्पियन व सर्वोच्च वरीय जापान के खिलाफ सेमीफाइनल में पीवी सिंधु पहला रबर गंवा बैठी थीं। लेकिन निर्णायक अंतिम एकल में अनमोल खरब अपेक्षाओं पर खरी उतरीं और भारत ने 3-2 की जीत से फाइनल में कदम रखा था।

सिंधु के बाद त्रीसा व गायत्री ने भारत को 2-0 की अग्रता दिलाई थी

चोटिल होने के कारण लगभग चार महीने तक कोर्ट से बाहर रहने वाली दो बार की ओलम्पिक पदक विजेता सिंधु ने आक्रामक खेल का नजारा पेश किया और पहले एकल में दुनिया की 17वें नंबर की खिलाड़ी सुपनिडा काटेथोंग को 21-12, 21-12 से हरा कर भारत को 1-0 से बढ़त दिलाई।

त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की विश्व में 23वें नंबर की जोड़ी ने भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा तथा जोंगकोलफान कितिथाराकुल व राविंडा प्रा जोंगजई की विश्व में दसवें नंबर की जोड़ी को 21-16, 18-21, 21-16 से पराजित कर भारत की लीड 2-0 कर दी।

अस्मिता के श्रुति व प्रिया की टीम को पराजय झेलनी पड़ी

इसके बाद अश्मिता चालिहा से काफी उम्मीदें लगाई जा रही थीं, जिन्होंने शनिवार को जापान की पूर्व विश्व चैम्पियन नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की थी। लेकिन वह दूसरे एकल में विश्व की 18वें नंबर की खिलाड़ी बुसानन ओंगबामरुंगफान के हाथों 11-21, 14-21 हार गईं। वहीं युवा श्रुति मिश्रा व सीनियर राष्ट्रीय चैंपियन प्रिया कोन्जेंगबाम को बेन्यापा ऐम्सार्ड व नुनटाकर्न ऐम्सार्ड की दुनिया की 13वें नंबर की जोड़ी से 11-21, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे मुकाबला 2-2 से बराबर हो गया।

अनमोल ने लगातार दूसरे दिन भारत की बांछें खिला दीं

अब भारत को जीत दिलाने का सारा दारोमदार अनमोल खरब पर टिका था, जिन्होंने विश्व में 45वें नंबर की खिलाड़ी पोर्नपिचा चोइकीवोंग को 21-14 21-9 से हराकर भारत को स्वर्ण पदक दिला दिया। भारत की इस शानदार जीत के साथ ही सभी खिलाड़ियों ने अनमोल को गले लगा लिया।

भारतीय पुरुष टीम पूर्व में दो कांस्य पदक जीत चुकी है

भारत इससे पहले इस प्रतियोगिता में दो कांस्य पदक जीत सका था। ये दोनों पदक भारतीय पुरुष टीम ने 2016 और 2020 में हासिल किए थे। लेकिन इस बार भारतीय पुरुषों की चुनौती क्वार्टर फाइनल में जापान के हाथों 2-3 की हार के साथ टूट गई। इस बार चीनी पुरुषों ने मेजबन मलेशिया को 3-0 से हराकर उपाधि जीती।

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